स्वीडेन से हिसाब चुकाने चला जर्मनी | खेल | DW | 15.10.2013
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

स्वीडेन से हिसाब चुकाने चला जर्मनी

मंगलवार को वर्ल्ड कप क्वालिफायर मुकाबले में जर्मनी और स्वीडेन के बीच बस सम्मान का ही मसला है लेकिन जर्मन टीम पिछले साल बर्लिन में हुए नाटकीय ड्रॉ का हिसाब जरूर चुकता करना चाहती है.

दोनों टीमों के लिए फाइनल क्वालिफायर के नतीजों का कोई मतलब नहीं क्योंकि जर्मनी ग्रुप सी का विजेता पहले ही बन चुका है जबकि दूसरे नंबर पर मौजूद स्वीडेन को ब्राजील का टिकट पाने के लिए नवंबर में दो मुकाबले और खेलने होंगे. एरिक हैमरेन का स्वीडेन अपना भरोसा बढ़ाने के लिए जीतना चाहता है जबकि जर्मनी को पिछला हिसाब चुकाना है. पिछले साल वर्ल्ड कप क्वालिफायर के दौरान बर्लिन में दोनों के बीच मुकाबले में जर्मनी पहले 4-0 से आगे था लेकिन मैच खत्म हुआ तो स्कोर 4-4 से बराबरी पर था.

स्वीडेन के सुपरस्टार स्ट्राइकर ज्लाटान इब्राहिमोविच पिछले साल के मुकाबले के सेकेंड हाफ में अचानक उभरे और 4-0 से पीछे चल रही टीम को 93वें मिनट में बराबरी पर ला दिया है. जर्मनी ने इसी ड्रॉ की वजह से ब्राजील के लिए मुकाबलों में इकलौता अंक गंवाया. इब्राहिमोविच फिलहाल टीम से निलंबित हैं और योआखिम लोएव की टीम पिछले 10 मुकाबलों में 9वीं जीत की ख्वाहिश लिए आज मैदान में उतर रही है.

शुक्रवार को आयरलैंड पर कोलोन में 3-0 की जीत ने जर्मन टीम को वर्ल्ड कप में पहुंचा दिया है जबकि स्वीडेन ने ऑस्ट्रिया को 2-1 से पराजित कर दूसरा नंबर हासिल कर लिया है. स्वीडेन के साथ पिछले 35 मैचों में 14 जीत के साथ आगे चल रही जर्मन टीम के कोच लोएव ने कहा, "हमें क्वालिफाई करने की खुशी है लेकिन निश्चित रूप से हमें स्वीडेन के साथ हिसाब बराबर करना है." 12 मुकाबलों में स्वीडन को जीत मिली जबकि 9 बराबरी पर छूटे. आयरलैंड के खिलाफ मुकाबले में दूसरा गोल करने वाले 22 साल के आंद्रे शुरले ने भी कहा, "अब भी एक हिसाब बराबर करना है, हम चाहते हैं कि मैच जीतें, भले ही ब्राजील का टिकट पहले ही तय हो चुका हो."

जर्मनी ने इससे पहले या तो वर्ल्ड कप में हार देखी या यूरोपीय चैम्पियनशिप क्वालिफायर मुकाबले में अक्टूबर 2007 में हारा. अब वह क्वालिफायर मुकाबलों में अविजित 32 मैचों के सिलसिले को आगे बढ़ाना चाहता है. अगर स्वीडन को जीतना है तो उसे इब्राहिमोविच के वगैर ही यह करना होगा क्योंकि 32 साल के इस खिलाड़ी को ऑस्ट्रिया के खिलाफ मुकाबले में येलो कार्ड मिल गया. इधर जर्मनी भी सेमी केदिरा के बगैर ही होगा क्योंकि रियाल मैड्रिड के इस डिफेंडर को भी आयरिश टीम के साथ मुकाबले में येलो कार्ड थमा दिया गया.

लोएव एक बार फिर अपनी पहली पसंद के स्ट्राइकरों मिरोस्लाव क्लोजे और मारियो गोमेज के बगैर होंगे. अम्मीद है कि अब तक परखे नहीं गए माक्स क्रूजे आगे से मोर्चा संभालेंगे जबकि टोनी क्रूस बास्टियन श्वाइनश्टाइगर के साथ मिल कर रक्षा पंक्ति में होंगे. डॉर्टमुंड के माट्स हुमेल एक बार फिर सेंटर बैंक पर वापस लौट सकते हैं, खराब प्रदर्शन के कारण पिछले तीन मुकाबलों में वो अपनी जगह से नदारद रहे.

एनआर/एमजे(एएफपी)

विज्ञापन