स्वीडन में आज भारत नॉर्डिक शिखर सम्मेलन | दुनिया | DW | 17.04.2018
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दुनिया

स्वीडन में आज भारत नॉर्डिक शिखर सम्मेलन

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पहले स्वीडन दौरे पर हैं, जहां वे व्यापार और टिकाऊ विकास पर बातचीत कर रहे हैं. इस मौके पर स्कैंडिनेविया के देशों के साथ भारत की शिखर भेंट भी हो रही है.

नरेंद्र मोदी स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टेफान लोएवीन के साथ बातचीत से पहले देश के राजा कार्ल गुस्ताव से मिल रहे हैं. दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की बातचीत में कारोबार और टिकाऊ विकास में सहयोग के मुद्दे हैं. वे स्वच्छ ऊर्जा डिजिटलाइजेशन और स्वास्थ्य जैसे इलाकों में भारत में स्वीडन के निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे.

बाद में भारतीय प्रधानमंत्री स्कैंडिनेविया के देशों स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों के साथ एक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इससे पहले वे स्वीडन आए पड़ोसी देशों के नेताओं के साथ अलग अलग बातचीत भी करेंगे. यह पहला मौका है जब भारत और नॉर्डिक देशों का सम्मेलन हो रहा है. इस तरह के नॉर्डिक शिखर सम्मेलन का उदाहरण सिर्फ एक बार है जब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौरे पर नॉर्डिक देशों के नेता एक साथ आए थे.

शिखर भेंट में भारत के साथ इन देशों के आर्थिक सहयोग को विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी. पर्यावरण संरक्षण के मामलों के अलावा बंदरगाहों के विकास और नई खोजों में दोनों पक्ष सहयोग कर सकते हैं. प्रधानमंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है, "नॉर्डिक देशों की क्षमताएं भारत में बदलाव की हमारी योजनाओं से मेल खाती हैं."

नॉर्वे भारत में निवेश करने वाले देशों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. उसके संप्रभु कोष ने 2017 तक भारत 11.7 अरब डॉलर का निवेश किया है और संभव अकेला सबसे बड़ा निवेशक है. ये निवेश एक और भारत की उम्मीदों तो दूसरी तरफ भारत में नॉर्वे द्वारा देखी जा रही संभावनाओं को भी दिखाता है.

इस दौरे के बाद भारतीय प्रधानमंत्री लंदन के लिए रवाना हो जाएंगे जहां वे राष्ट्रकुल देशों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. यूरोप के इस दौरे पर मोदी बर्लिन में जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल से भी मुलाकात करेंगे.

एमजे/आईबी (डीपीए)

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