स्वतंत्रता दिवस: किसानों के विरोध के बीच ′छोटे′ किसानों को पीएम मोदी का संदेश | भारत | DW | 15.08.2021
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

भारत

स्वतंत्रता दिवस: किसानों के विरोध के बीच 'छोटे' किसानों को पीएम मोदी का संदेश

नौ महीने से जारी किसान आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति बढ़ाने की जरूरत है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर किसान देश के कई हिस्सों में कृषि कानूनों के विरोध में यात्रा निकाल रहे हैं.

75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से बोलते हुए प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उन "छोटे" किसानों को संबोधित किया जिनके पास पांच एकड़ से भी कम जमीन है. अनुमान है कि भारत में 80 प्रतिशत किसानों के पास इतनी ही जमीन होती है.

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे ही किसानों की सामूहिक शक्ति को बढ़ाना चाहती है ताकि वो देश का गौरव बन सकें. उनका किसानों के नाम ये संदेश ऐसे समय पर आया है जब देश के कई हिस्सों में किसान केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले नौ महीनों से आंदोलन कर रहे हैं.

किसानों का प्रदर्शन

स्वतंत्रता दिवस पर भी किसान दिल्ली की सीमा सहित कई राज्यों में प्रदर्शन कर रहे हैं और 'तिरंगा यात्रा' निकाल रहे हैं. उनकी मांग तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करने की है, लेकिन सरकार ने अभी तक उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया है.

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर भी किसानों ने तिरंगा यात्रा निकाली थी. दिल्ली की सीमा पर आयोजित यात्रा में शामिल किसान लाल किले तक भी पहुंच गए थे. कुछ प्रदर्शनकारी लाल किले की प्राचीर पर भी चढ़ गए थे, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया था.

दिल्ली की सड़कों पर किसानों और पुलिस के बीच भिड़ंत भी हुई थी, जिसमें एक किसान की मौत हो गई थी और कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. इस बार स्वतंत्रता दिवस पर संभवतः इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए लाल किले के आगे विशालकाय जहाजी कंटेनरों की एक दीवार खड़ी कर दी गई है.

महत्वाकांक्षी योजना

कृषि के अलावा प्रधानमंत्री ने और भी कई क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं की. उन्होंने "प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान" के बारे में बताया जिसे केंद्र जल्द शुरू करेगा. यह तरह तरह की आधारभूत सुविधाएं बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना होगी जिसके लिए सरकार आने वाले सालों में एक लाख अरब रुपये खर्च करेगी.

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस योजना से भारतीय उत्पादकों को दूसरे देशों की कंपनियों से टक्कर लेने में सक्षम होने का मौका मिलेगा, अर्थव्यवस्था में उछाल आएगा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. योजना के बारे में और जानकारी अभी नहीं दी गई है.

Indien feiert 75. Unabhängigkeitstag

13 अगस्त को कोलकाता में परेड की रिहर्सल के दौरान सेल्फी लेती रैपिड एक्शन फाॅर्स की एक महिला कर्मी

इसके अलावा मोदी ने राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की स्थापना की भी घोषणा की जिसके तहत भारत को ग्रीन हाइड्रोजन का वैश्विक हब बनाया जाएगा. उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब से देश के सैनिक स्कूलों में लड़कियां भी पढ़ सकेंगी.

विभाजन की यादें

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया की 2024 से अलग अलग सरकारी योजनाओं के तहत गरीबों को मिलने वाला चावल फोर्टीफाइड होगा यानी उसके पोषक तत्वों की मात्रा को बढ़ा दिया जाएगा. 14 अगस्त को उन्होंने यह भी घोषणा की थी अब से भारत में 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका दिवस' के रूप में मनाया जाएगा. 

मोदी का कहना है कि यह दिन "हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी." 14 अगस्त पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है.

इस नए दिवस को लेकर देश में मिली जुली प्रतिक्रिया है. राजद के संसद मनोज झा ने ट्वीट कर कर एक वीडियो संदेश में कहा कि आज देश में विभाजन विभीषिका दिवस मनाने की जगह संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की जरूरत है.

DW.COM

संबंधित सामग्री