स्मार्टफोन के बाद स्मार्ट होम | विज्ञान | DW | 11.09.2014
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विज्ञान

स्मार्टफोन के बाद स्मार्ट होम

स्मार्टफोन के इस दौर में एक ऐसे स्मार्ट होम की कल्पना करना कोई अजीब बात नहीं जहां उपकरण एक दूसरे से बातें करेंगे और फ्रिज खुद दूध की देखभाल करेगा. बहुत जल्द यह सपना भी सच होने वाला है.

बर्निल में चल रहे ईफा इलेक्ट्रॉनिक मेले में भविष्य के स्मार्ट घरों की कल्पना पेश की गई. स्मार्ट दौर में सबसे आगे निकलने की दौड़ में सैमसंग, एप्पल और गूगल जैसी कामयाब कंपनियां जद्दोजहद में लगी हैं. कंपनियों को उम्मीद है कि तकनीकी क्रांति के साथ आने वाला समय उनके लिए अरबों डॉलर का मुनाफा लेकर आएगा. मार्केट रिसर्च कंपनी आईएचएस की लीसा ऐरोस्मिथ मानती हैं कि बहुत जल्द स्मार्ट होम बाजार में बहुत आम बात होगी.

स्मार्ट होम की कल्पना और इसकी तैयारियां 1980 के दशक से ही की जा रही हैं. लेकिन अब तक इसके रास्ते में कई तकनीकी बाधाएं खड़ी थीं. उपकरणों का एक दूसरे के साथ तालमेल बिठा पाना, इंटरनेट की बेहतर सुविधा न होना और तार का झंझट जैसी अड़चनें. लेकिन आने वाले समय में कंपनियां एक दूसरे से मिलकर चलने वाले उपकरणों को बढ़ावा दे रही हैं. जैसे कि घर की हीटिंग का घर पहुंचने से पहले कार से ही स्विच ऑन कर देना. यहां तक कि छुट्टी पर गए लोग किसी सुहानी जगह बैठे कैमरे के जरिए अपने घर पर भी नजर रख सकेंगे.

भविष्य का घर

ईफा में कोरियाई कंपनी सैमसंग ने 2020 को ध्यान में रखते हुए भविष्य का घर पेश किया. इसमें एक ऐसी तकनीक भी होगी जो किचेन में खाना बनाते समय एक के बाद एक आपको बताती जाएगी के कब क्या किया जाए. यहां तक कि एक ऐसा डिजिटल कोच जो आपके साथ दौड़ लगाएगा. साथ ही आपको बताता जाएगा कि आपने कितनी कसरत की और कितनी करना बाकी है. सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष बू क्यून ने कहा, "बहुत सारे लोगों के लिए यह अभी भी किसी ख्वाब की तरह ही है. लेकिन बदलाव आ रहा है और अब बहुत पास है. याद कीजिए कि कुछ ही सालों में कितनी तेजी से स्मार्टफोन ने हमारी जिंदगी बदल कर रख दी है."

घरेलू उपकरणों में इंटरनेट

स्मार्ट होम की दिशा में छोटे छोटे कदम बढ़ाते हुए सैमसंग ने अमेरिकी कंपनी स्मार्ट थिंग्स को खरीद लिया. यह कंपनी छोटे छोटे घरेलू उपकरणों को एक दूसरे से जोड़ने के लिए ऐप तैयार कर रही है. इससे पहले गूगल ने ऊर्जा बचाने वाले फायर अलार्म और थर्मोस्टैट बना रही नेस्ट लैब्स को 3.2 अरब डॉलर में खरीदा था. ये उपकरण यह भी पता लगा सकेंगे कि घर पर कोई है या नहीं.

रिसर्च कंपनी गार्टनर की आनेट सिमरमन के मुताबिक, "स्मार्ट होम की कल्पना को सच करने के लिए चीजों के इंटरनेट के अस्तित्व में आना बहुत जरूरी था."

एबीआई रिसर्च कंपनी के मुताबिक पिछले साल करीब 1.7 करोड़ स्वचलित घरेलू उपकरण खरीदे गए. अनुमान है कि 2018 तक इनकी बिक्री आधे अरब से ज्यादा होगी. फिलहाल कंपनियां इंटेलिजेंट घरों की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं.

एसएफ/आईबी (एएफपी)

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