स्पेन से कैटेलोनिया की आजादी मांगने वालों को जेल की लंबी सजाएं | दुनिया | DW | 14.10.2019
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दुनिया

स्पेन से कैटेलोनिया की आजादी मांगने वालों को जेल की लंबी सजाएं

स्पेन में करीब दर्जन भर कातलान राजनेताओं को 2017 में कैटेलोनिया को अलग देश बनाने की नाकाम कोशिश में इनकी भूमिका के लिए लंबी सजा दी गई है. क्या है यह पूरा मामला और इसके क्या नतीजे होंगे?

पूर्व क्षेत्रीय उप राष्ट्रपति ओरिओल युंकेरास को सबसे ज्यादा 13 साल कैद की सजा सुनाई गई है. उन्हें देशद्रोह का दोषी माना गया है. कैटेलोनिया की कैबिनेट के आठ पूर्व सदस्यों और कातलान संसद के पूर्व स्पीकर समेत अलगाववादी गुटों के दो नेताओं को भी 9-12 साल तक की सजा सुनाई गई है. इसके अलावा तीन लोगों पर जुर्माना लगा है लेकिन उन्हें जेल नहीं जाना होगा.

जनरल फ्रांसिस्को फ्रांको की 1975 में मौत के साथ खत्म हुई तानाशाही के बाद के स्पेन में इस मुकदमे को सबसे अहम कहा जा रहा है. इस मुकदमे के राजनीतिक और सामाजिक नतीजे लंबे समय के लिए होंगे, ऐसा माना जा रहा है.

किस बारे में था मुकदमा

अक्टूबर 2017 में देश के उत्तरपूर्व में स्थित कैटेलोनिया के अलगाववादी नेताओं ने स्पेन से अलग कर एक नया यूरोपीय देश बनाने की कोशिश की और स्वतंत्रता का एलान कर दिया. यह कोशिश नाकाम हो गई क्योंकि उसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली और स्पेन की सरकार ने हस्तक्षेप कर क्षेत्रीय सरकार को बर्खास्त कर दिया. सोमवार को जिन नेताओं को सजा सुनाई गई उन्हें उसी वक्त गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि बाकी नेता देश छोड़ कर भाग निकले थे. दर्जन भर नेताओं पर चले मुकदमे में करीब 500 गवाहों की पेशी हुई. इनमें पूर्व प्रधानमंत्री मारियानो राखोय भी शामिल हैं. मुकदमे की करीब 50 सुनवाई हुई जिनका देश के टीवी पर प्रसारण हुआ.

Spanien Konstituierende Sitzung des Parlaments (Imago-Images/Agencia EFE/BALLESTEROS)

ओरिओल युंकेरास कातलान पार्टी के प्रवक्ता गाब्रिएल रुफियान(बायें)

इस पूरे मामले के केंद्र में था 1 अक्टूबर 2017 को हुआ जनमत संग्रह जिसे कैटेलोनिया की सरकार ने कराया था, वो भी तब जबकि स्पेन की सर्वोच्च अदालत ने इसे अलंवैधानिक बताकर ऐसा नहीं करने का आदेश दिया था. इस जनमत संग्रह के दौरान भेजी गई अतिरिक्त पुलिस बल के साथ वोटरों की कई जगहों पर झड़पें और हिंसा हुई. कैटेलोनिया के ज्यादातर लोग जो स्पेन के साथ ही रहना चाहते थे वो घर से नहीं निकले. नतीजा यह हुआ कि "अलगाव" के लिए हां कहने वालों की जीत हो गई. इसके बाद कातलान संसद ने 27 अक्टूबर को आजादी का एलान कर दिया. इसके साथ ही स्पेन में पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो गया.

अभियोजकों की दलील है कि अलगाववादी नेताओं ने स्पेन के संविधान का उल्लंघन किया और देश की क्षेत्रीय एकता को खतरे में डाला. उधर बचाव पक्षा का कहना है कि अलगाववादी आंदोलन कैटेलोनिया की 75 लाख आबादी में से आधी की इच्छा की वजह से हुआ क्योंकि वो देश से अलग होना चाहते हैं.

सामाजिक असर

जेल में बंद नेता अलगाववादियों के मजबूत प्रतीक बन गए, जो उन्हें मुकदमे से पहले करीब दो साल तक जेल में रखने को अनुचित मानते हैं. उनसे सहानुभूति रखने वाले बहुत से लोग अपने कपड़ों पर पीला रिबन लगा कर विरोध जताते हैं. कातलान अलगाववादियों ने कई सालों से बड़ी लेकिन शांतिपूर्ण रैलियां की हैं जिनमें लाखों लोग शामिल होते हैं.

हाल के वर्षों में कुछ कट्टर कार्यकर्ताओं ने ट्रैफिक और ट्रेनों की आवाजाही में बाधा डाली है और पुलिस से भिड़े हैं. सितंबर में गिरफ्तार किए गए सात ऐसे अलगाववादियों की जांच चल रही है जिन पर विस्फोटक बनाने के आरोप हैं. जाहिर है कि अलगाववादी इस फैसले का इस्तेमाल भी अपने मकसद के लिए लोगों की भीड़ जुटाने में करेंगे.

राजनीतिक असर

कैटेलोनिया के मौजूदा क्षेत्रीय राष्ट्रपति किम तोरा जैसे कट्टरपंथी अलगाववादियों का कहना है कि वह फैसले के बाद सामाजिक उथल पुथल को भड़काना चाहते हैं क्योंकि इससे स्पेन से अलग होने का एक दुर्लभ मौका हाथ आएगा. उदार अलगाववादी इसे दूर की कौड़ी मानते हैं. उनकी दलील है कि ज्यादा वास्तविक कदम उठाए जाने चाहिए जैसे कि कैटेलोनिया में जल्दी से क्षेत्रीय चुनाव कराना और संभावित अलगाववादी गुस्से को पार्टी के लिए वोटों में तब्दील कराना.

हालांकि इसके करिश्माई नेता या तो जेल में बंद हैं या फिर भगोड़ों के रूप में विदेश में हैं. ऐसे में अलगाववादी आंदोलन अपने सबसे मुश्किल दौर में है. यहां की दो प्रमुख पार्टियों में भी इस बात पर मतभेद है कि अगला कदम क्या हो. जमीनी स्तर पर जो संगठन है और आंदोलन में मदद करते हैं उन्होंने अपने राजनेताओं की असक्रियता की आलोचना शुरू कर दी है. नतीजे ऐसे वक्त में आए हैं जब स्पेन का राष्ट्रीय चुनाव करीब आ रहा है. 10 नवंबर को स्पेन के लोग वोट डालेंगे और कैटेलोनिया का मुद्दा उनके लिए अहम होगा. राष्ट्रीय स्तर पर जनाधार जिस तरह बंटा हुआ है उसमें कातलान अलगाववादी पार्टियां अगली सरकार के गठन में अहम भूमिका निभा सकती हैं.

Belgien | Pressekonferenz | Carles Puigdemont und Antoni Comin in Brüssel (picture-alliance/dpa/AP Photo/G. Vanden Wijngaert)

कार्ल्स पोजदेमोन(मध्य में)

अपील और माफी

इस फैसले के खिलाफ अपील नहीं की जा सकती. बचाव पक्ष हालांकि मूल अधिकारों के उल्लंघन की शिकायत स्पेन की संवैधानिक अदालत में कर सकता है. यहां से मामला यूरोपीय संघ की मानवाधिकार अदालत में ले जाया जा सकता है. स्पेन की सरकार इन्हें माफी दे सकती है. हालांकि माफी के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद औपचारिक रूप से अनुरोध करना होगा और उस पर अफसोस दिखाना पड़ेगा. दोषी करार दिए गए कुछ नेताओं का कहना है कि वे माफी नहीं मांगेंगे. जो भी प्रधानमंत्री माफी देगा उसे कातलान लोगों की तो वाहवाही मिलेगी लेकिन पूरे स्पेन के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उसकी निंदा करेंगे.

पोएजदेमोन का क्या होगा?

युंकेरास और दूसरे जिन लोगों पर मुकदमा चल रहा है वो तो दो साल से स्पेन के न्याय का सामना कर रहे हैं लेकिन इनके कई साथी यूरोपीय देशों में भाग गए हैं. इनमें कैटेलोनिया के पूर्व राष्ट्रपति कारलोस पोएजदेमोन भी हैं जो जर्मनी और बेल्जियम में प्रत्यर्पण के मुकदमों का सामना करने के बाद फिलहाल वाटरलू में रह रहे हैं. स्पेन का कानून बेल्जियम, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन में रह रहे कई अलगाववादी नेताओं की तलाश में है. पोएजदेमोन का कहना है कि कोर्ट के फैसले के बाद स्पेन उनके खिलाफ फिर से गिरफ्तारी का यूरोपीय वारंट निकालेगा और उन्हें वापस लाने की कोशिश करेगा.

एनआर/एमजे (एपी)

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