सेक्स स्कैंडल: नौसेना अधिकारी बर्खास्त | दुनिया | DW | 05.02.2011
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दुनिया

सेक्स स्कैंडल: नौसेना अधिकारी बर्खास्त

भारतीय नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को रूसी महिला के साथ सेक्स संबंध रखने के आरोप में नौकरी से बर्खास्त किया गया. रक्षा मंत्री एके एंटनी ने बर्खास्तगी के आदेश दिए. गोर्शकोव की मरम्मत से जुड़े रहे हैं नौसेना अधिकारी.

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कमोडोर सुखजिंदर सिंह ने भारतीय युद्धपोत उत्पादन अधिकारी के रूप में मॉस्को में 2005 से 2007 तक काम किया. गोर्शकोव एयरक्राफ्ट कैरियर की मरम्मत का काम उनकी देखरेख में हो रहा था और इसी दौरान उनके रूसी महिला के साथ अवैध संबंध कायम हो गए. अब रक्षा मंत्री एके एंटनी ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है. केस के बारे में जब एंटनी से पूछा गया तो उन्होंने कहा, "सुखजिंदर सिंह को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया जाएगा. वह अब नौसेना में नहीं रहेंगे."

सुखजिंदर सिंह की नौकरी के अभी दो साल बचे थे लेकिन अब उन्हें उससे पहले ही सामान समेटना होगा. रूसी महिला के साथ उनके संबंधों की बात पहली बार अप्रैल 2010 में पता चली जब रूस में उनकी पोस्टिंग के करीब तीन साल बाद महिला के साथ उनकी तस्वीरें सामने आई. तस्वीरों का पता चलने के कुछ ही दिन बाद नौसेना ने मामले की जांच के आदेश दे दिए. नौसेना ने जानना चाहा कि सुखजिंदर सिंह के उस महिला के साथ रिश्तों के चलते एडमिरल गोर्शकोव डील क्या किसी तरह से प्रभावित हुई.

जांच में साबित हो गया कि सुखजिंदर सिंह के उस महिला के साथ अवैध संबंध रहे हैं लेकिन यह भी सामने आया कि इन संबंधों के चलते गोर्शकोव डील पर कोई असर नहीं हुआ और न ही भारत का रुख प्रभावित हुआ. एडमिरल गोर्शकोव की मरम्मत के मामले में भारत और रूस के बीच लंबे समय तक खींचतान चली.

जांच का काम पूरा होने के बाद नेवी ने रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को भेज दी ताकि उस पर उचित कार्रवाई की जा सके. रिपोर्ट के मुताबिक रूस से लौटने के बाद भी सुखजिंदर सिंह गोर्शकोव एयरक्राफ्ट कैरियर से संबंधित एक प्रोजेक्ट का हिस्सा रहे. गोर्शकोव की मरम्मत के लिए रूस ऊंची कीमत मांग रहा था, लंबे समय तक नानुकुर के बाद एयरक्राफ्ट कैरियर की मरम्मत का सौदा पहले 2004 में तय हुआ लेकिन उसकी कीमत बढ़ती रही और डिलीवरी भी लटकी रही. अब भारत को गोर्शकोव 2013 में 2.33 अरब डॉलर की कीमत में मिलेगा.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: ए कुमार

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