सेक्स एजुकेशन से रुकेंगे बलात्कार? | दुनिया | DW | 18.10.2019
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दुनिया

सेक्स एजुकेशन से रुकेंगे बलात्कार?

क्या टेक्नोलॉजी के सहारे बलात्कार और यौन हिंसा के मामलों में कमी आ सकती है? म्यांमार में ऐसी ही कोशिश हो रही है. समाज के सबसे रुढ़िवादी तबकों में टेक्नोलॉजी की मदद से यौन शिक्षा के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

इस साल मई में एक प्राइवेट नर्सरी में तीन साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना पर म्यांमार में बहुत रोष देखा गया. बहुत से लोग सड़कों पर उतरे और उन्होंने न्याय की मांग की. साथ ही उन्होंने देश में सेक्स एजुकेशन की कमी का मुद्दा भी उठाया. म्यांमार में 2016 में बलात्कार के कुल 1,100 मामले सामने आए थे जिनकी संख्या बढ़कर 2018 में 1,500 हो गई. स्थानीय मीडिया ने सरकारी आंकड़ों के हवाले से कहा है कि बलात्कार का शिकार बनने वालों में दो तिहाई बच्चे शामिल हैं.

अंग्रेजी टीचर रह चुकीं हला हला विन ने टेक्नोलॉजी के सहारे शिक्षा में बड़े बदलावों का बीड़ा उठाया है. इसके लिए उन्होंने एक संस्था बनाई है जिसकी कोशिशों को काफी सराहा जा रहा है. यांगोन में रहने वाली विन ने बताया, "इससे बहुत से माता पिता का दिल टूटा लेकिन यह हमारे लिए खतरे की घंटी थी. अब हम सेक्स एजुकेशन को वर्जित विषय मानकर छोड़ नहीं सकते."

38 साल की विन ने प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. न्यूयॉर्क की वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने पिछले महीने उनका नाम साल के 40 सामाजिक उद्यमियों की सूची में शामिल किया और म्यांमार में लाखों छात्रों की शिक्षा के तौर तरीकों में बदलाव लाने की उनकी कोशिशों को सराहा. वह अपने काम में खास तौर से ऑग्मेंटेड रियलिटी (एआर) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही हैं, जो दुनिया भर में कला से लेकर विमान उड़ाने की ट्रेनिंग तक में इस्तेमाल हो रही है.

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विन की संस्था ने 2016 से कई ऐसे ऐप बनाए हैं जो छात्रों को कैमिस्ट्री और बायोलोजी जैसे जटिल विषयों को समझने में मदद कर रहे हैं. इनमें एआर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है जिसके तहत डिजिटल तस्वीरों को वास्तविकता पर सुपरइम्पोज कर इस तरह की सामग्री तैयार की जाती है जिसमें आप कुछ वास्तविक और कुछ वर्चुअल अनुभव ले पाएं.

सेक्स एजुकेशन पर उनके कार्यक्रम का नाम है "बे किन" यानी खतरे से मुक्त. इसे अगस्त में उस समय लॉन्च किया गया था जब बच्ची के बलात्कार की घटना के बाद समाज में सेक्स, सुरक्षा, बच्चों और सहमति पर तीखी बहस छिड़ी थी.

इसमें सेक्स एजुकेशन से जुड़ी कई किताबें शामिल हैं, कागज और एआर, दोनों ही फॉर्मेट्स में. इसके अलावा कॉमिक्स और गेम भी हैं, जो छात्रों को सेक्स संबंधी अंगों से लेकर गर्भावस्था तक सब कुछ बताते हैं. हला हला विन की अपनी चार साल की एक बेटी है. वह कहती हैं, "एक मां के तौर पर, एक टीजर के तौर पर. मेरी इन विषयों में दिलचस्पी है, क्योंकि बहुत से किशोरों और किशोरियों में इस बारे में जानने की उत्सुकता रहती है. लेकिन हमारे पास ऐसा कुछ नहीं है जिससे उन्हें ये सब बातें सिखा सकें."

वह बताती हैं कि म्यांमार में किशोरावस्था वाले बहुत से लोगों को लगता है कि महिला और पुरूष, दोनों अगर एक ही गिलास से पानी पी लें तो महिला गर्भवती हो जाती है.

अभी तक विन के कार्यक्रम में 100 स्कूल हिस्सा ले चुके हैं और सेक्स एजुकेशन पर उनकी किताबों को इस्तेमाल कर रहे हैं. वह अब टीचरों के साथ काम कर रही हैं. वह बताती हैं, "हम अभी शुरुआती दौर में हैं क्योंकि बहुत से टीचरों को अब भी स्कूल में सेक्स के बारे में पढ़ाते हुए शर्म महसूस होती है. लेकिन एआर टेक्नोलॉजी मजेदार है. इसीलिए हमें उम्मीद  है कि टेक्नोलॉजी के जरिए हम इस शर्म को दूर कर पाएंगे."

एके/एमजे (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन)

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