सुषमा स्वराज के इस्तीफे की मांग हुई तेज | दुनिया | DW | 15.06.2015
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दुनिया

सुषमा स्वराज के इस्तीफे की मांग हुई तेज

आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की मदद पर छिड़े विवाद में कांग्रेस, आप और सीपीआईएम ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के इस्तीफे की मांग की है. जानिए क्या है पूरा मामला.

सुषमा स्वराज पर बहस तब शुरू हुई जब न्यूज चैनल टाइम्स नाव ने यह दावा किया कि उन्होंने ललित मोदी को ट्रैवल डॉकयूमेंट दिलाने में मदद की. ललित मोदी पर आईपीएल में भ्रष्टाचार के आरोप हैं. 2010 से वे ब्रिटेन में रह रहे हैं. जुलाई 2014 में उन्हें कथित रूप से अपनी पत्नी के ऑपरेशन के लिए पुर्तगाल जाना था. क्योंकि उस समय भारत सरकार ने उनका पासपोर्ट जब्त किया हुआ था, वे ब्रिटेन से बाहर नहीं जा सकते थे.

मोदी ने स्वराज से मदद मांगी. सुषमा स्वराज ने ईमेल के जरिए ब्रिटेन के अधिकारियों को आश्वस्त किया कि मोदी को वीजा दिए जाने से दोनों देशों के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. मोदी का पुर्तगाल जाना इसलिए जरूरी था क्योंकि उन्हें ऑपरेशन पर सहमति के कागजों पर हस्ताक्षर करने थे. हालांकि इस बात पर भी विवाद है कि पुर्तगाल के कानून के अनुसार पति की सहमति अनिवार्य नहीं है.

अपनी सफाई में सुषमा स्वराज ने कई ट्वीट किए. उन्होंने लिखा, "मैंने ललित मोदी को क्या फायदा पहुंचा दिया? यह कि कैंसर पीड़ित अपनी पत्नी के इलाज के लिए वे कागज साइन कर सके? वे लंदन में थे. अपनी पत्नी की सर्जरी के बाद वे दोबारा लंदन चले गए. मैंने इसमें क्या बदला?"

विपक्ष का वार

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रधानमंत्री से सुषमा स्वराज के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. सीपीआईएम के महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई के महासचिव सुधाकर रेड्डी ने पत्रकारों से बातचीत में यह मांग की. येचुरी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार मिटाने की बात कही थी, पर क्या इस मामले में वे श्रीमती स्वराज के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे? क्या मानवता के आधार पर किसी भी आरोपी को इस तरह की छूट दी जा सकती है?" वहीं सुधाकर रेड्डी ने भी कहा कि प्रधानमंत्री का यह विशेषाधिकार है कि वे किसको मंत्रिमंडल में रखते हैं और किसे नहीं, "इसलिए हम उनसे उम्मीद करते हैं कि वे इस मामले में कार्रवाई करें क्योंकि वह भ्रष्टाचार को मिटाने के बारे में बड़े-बड़े दावे करते रहे हैं. सबको पता है कि आईपीएल में किस तरह का पैसा लगा था और ललित मोदी की क्या भूमिका थी."

साथ ही कांग्रेस ने कहा है कि सुषमा स्वराज के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए. एक बयान में कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मिल कर ललित मोदी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं आप के आशुतोष ने ट्वीट किया है, "सुषमा स्वाराज को इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि विपक्ष की नेता के तौर पर उन्होंने खुद ऊंचे मानदंड तय किए थे और जब भी यूपीए के किसी सदस्य का नाम भ्रष्टाचार के मामले में आता, तो वे इस्तीफे की मांग करती थीं."

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने आज कहा कि आईपीएल घोटाला के आरोपी ललित मोदी को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ओर से मदद दिए जाने से नरेंद्र मोदी की पूरी सरकार कटघरे में आ गयी है. उन्होंने कहा कि यह भाजपा की संस्कृति है कि वह आरोपों में घिरे अपने करीबियों को मदद के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. वहीं दूसरी ओर वह ऐसे ही मामलों में दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए कानून का भी उल्लंघन करने में पीछे नहीं रहती है.

पार्टी का सहयोग

इस विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने कहा है कि पार्टी और सरकार दोनों विदेश मंत्री के साथ हैं और उन्होंने जो कदम उठाया वह "मानवीय आधार" पर था. पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा के दौरान सहस्रबुद्धे ने कहा, "हमने कभी किसी आतंकवादी को 'जी' कह कर समर्थन नहीं किया, हमने तो सिर्फ मुसीबत में पड़े एक भारतीय मूल के व्यक्ति को मदद पहुंचाई है." उनसे जब पूछा गया कि क्या हर आरोपी को इस तरह मदद मुहैया कराई जाएगी, तो उन्होंने कहा कि यह "केस टू केस" निर्भर करता है. उन्होंने इस बात से इंकार किया कि स्वराज की बेटी के ललित मोदी के वकील होने के कारण इस प्रकार की मदद दी गई.

साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने अपना समर्थन जताते हुए ट्वीट किया है, "सुषमा स्वराज जी का जीवन पारदर्शिता और सरकारी सेवा में ईमानदारी की मिसाल है. मानवीय आधार पर किए गए काम को गलत बताने की हर कोशिश विफल रहेगी."

गौरतलब है कि सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी कौशल ललित मोदी के वकीलों के दल का हिस्सा हैं. इसके अलावा ऐसी भी रिपोर्टें हैं कि ललित मोदी ने सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल के रिश्तेदार की ब्रिटेन की एक यूनिवर्सिटी में दाखिले में मदद की.

आईबी/एमजे (डीपीए, पीटीआई, वार्ता)

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