सुप्रीम कोर्ट के जज संपत्ति का ब्यौरा देंगे | जर्मन चुनाव 2017 | DW | 27.08.2009
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जर्मन चुनाव

सुप्रीम कोर्ट के जज संपत्ति का ब्यौरा देंगे

भारत में सुप्रीम कोर्ट के जज अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए तैयार हो गए हैं. बढ़ते दबाव के बीच बुधवार को मुख्य न्यायाधीश के जी बालकृष्णन ने कहा कि जजों की संपत्ति का ब्यौरा सुप्रीम कोर्ट की बेबसाइट उपलब्ध होगा.

बढ़ रहा था दबाव

बढ़ रहा था दबाव

सुप्रीम कोर्ट के जजों की करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद यह फ़ैसला लिया गया. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों के हवाले से कहा है कि, ''मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन की अगुवाई में हुई बैठक में फ़ैसला लिया गया है कि जजों की संपत्ति का ब्यौरा सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर दिया जाएगा.''

भारत सरकार के पूर्व अटॉर्नी जरनल सोली सोराबजी और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इस फैसले का स्वागत किया है. सोली सोराबजी कहते हैं कि न्यायपालिका में इतना भ्रष्टाचार नहीं हैं कि उसे छुपाने की ज़रूरत पड़े लेकिन हां, न्यायपालिका के बारे में कुछ अविश्वास ज़रूर हैं.

दरअसल कुछ महीनों में ही भारत में ये मांग उठी है कि अगर चुनाव के समय नेता अपनी संपत्ति का ब्यौरा दे सकते हैं तो जजों को भी ऐसा करना चाहिए. सरकार ने इस बारे में कानून बनाने से इनकार करते हुए गेंद जजों के ही पाले में डाल दी और कहा कि इसका फ़ैसला जज ख़ुद करें.

इसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज एमके कनन्न ने अपनी संपत्ति सार्वजनिक कर दी. फिर कर्नाटक हाई कोर्ट के जज डीवी शैलेंद्र कुमार ने भी अपनी संपत्ति और देनदारियों का ब्यौरा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को भेज दिया. लेकिन उनके इस फ़ैसले से न्यायापालिका के गलियारे में हलचल भी मच गई.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने न्यायमूर्ति कुमार को पब्लिसिटी क्रेजी यानी प्रचार पंसद करने वाला व्यक्ति बता दिया. लेकिन मीडिया ने दोनों जजों के फ़ैसले का ज़ोरदार स्वागत किया और इसका असर सुप्रीम कोर्ट के जजों की बैठक में दिखाई पड़ा.

रिपोर्ट: पीटीआई/ओ सिंह

संपादन: एस गौड़

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