सीरिया में भी हो सकता है आईएस पर हमला | दुनिया | DW | 26.08.2014
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दुनिया

सीरिया में भी हो सकता है आईएस पर हमला

अमेरिका सीरिया में इस्लामिक स्टेट के कट्टरपंथियों के बारे में और जानकारी जुटा रहा है. सेना अध्यक्ष मार्टिन डेंपसी ने कहा कि अगर अमेरिका को खतरा महसूस होगा तो सीरिया में भी कार्रवाई कर सकता है.

माना जा रहा है कि अमेरिकी सरकार सीरिया में खुफिया विमान भेजने की तैयारी कर रही है. इनसे इस्लामिक स्टेट के जिहादियों पर नजर रखी जा सकेगी. एक अमेरिकी अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सीरिया अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करने के लिए तैयार है. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि वह सीरियाई सरकार से हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल के लिए स्वीकृति लेंगे कि नहीं. वहीं, सीरिया के विदेश मंत्री वालिद मुअल्लम ने कहा है कि वह अमेरिका या किसी और देश से अपनी जमीन पर हवाई हमलों को स्वीकार नहीं करेंगे, यह सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन होगा.

इस बीच काबुल पहुंचे अमेरिकी सेनाध्यक्ष जनरल मार्टिन डेंपसी ने कहा है कि उनका देश सीरिया में इस्लामिक स्टेट के आंतकवादियों के बारे में सटीक जानकारी चाहता है लेकिन निगरानी रखने वाली उड़ानों के बारे में डेंपसी ने कुछ नहीं कहा. मार्टिन डेंपसी ने कहा है कि अगर अमेरिका की सुरक्षा को खतरा पैदा होता है तो वह अमेरिकी सरकार को इस्लामिक स्टेट के खिलाफ कार्रवाई करने का सुझाव देंगे. अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ इराक में इस महीने हवाई हमले शुरू किए हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने इराक में काम कर रहे अमेरिकियों और वहां के मानवाधिकार संकट को अपने फैसले की वजह बताई. वहीं, अमेरिका सुरक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस्लामिक स्टेट पर काबू पाने के लिए सीरिया में इन आतंकवादियों पर नियंत्रण पाना होगा. ओबामा अब तक सीरिया में सैन्य कार्रवाई करने से पीछे हटे हैं लेकिन हाल ही में इस्लामिक स्टेट ने अमेरिकी पत्रकार जेम्स फोली की हत्या कर दी. आईएस सीरिया में रह रहे और अमेरिकी नागरिकों को खत्म करने की धमकी दे रहा है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लई ने इस बीच कहा है कि इस्लामिक स्टेट के आंतकवादी नस्ल के आधार पर पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की हत्या कर रहे हैं और इन हत्याओं को मानवता के खिलाफ अपराधों का दर्जा दिया जा सकता है. कुछ दिनों पहले इस्लामिक स्टेट ने सीरिया के एक उत्तरी प्रांत पर कब्जा किया. लड़ाई में करीब 500 लोग मारे गए. राका प्रांत के हवाई अड्डे को भी जिहादियों ने अपने कब्जे में कर लिया है.

इस्लामिक स्टेट के जिहादी सुन्नी इस्लाम को मानते हैं और इराक और सीरिया में शरिया कानून पर आधारित खिलाफत का गठन करना चाहते हैं.

एमजी/ओएसजे (एपी, एएफपी)

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