सीमा तनाव के बीच 1965 युद्ध की गोल्डेन जुबली | दुनिया | DW | 28.08.2015
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दुनिया

सीमा तनाव के बीच 1965 युद्ध की गोल्डेन जुबली

जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर 28 अगस्त की सुबह पड़ोसी पाकिस्तान के साथ हुई गोलीबारी में 4 भारतीय नागरिक मारे गए और कई घायल हुए. 50 साल पहले इसी दिन 5 महीने लंबा चला भारत-पाकिस्तान युद्ध खत्म हुआ था.

एक हफ्ते पहले ही दोनों पड़ोसी देशों के रक्षा सलाहकारों के बीच होने वाली उच्चस्तरीय वार्ता अंतिम समय में रद्द हुई थी. इस बीच दोनों पक्षों की ओर से गोलीबारी की नियमित वारदातों की खबरें आती रही हैं. पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एएफपी को बताया कि भारतीय सेना ने सुबह 3 बजे से ही गोलियां बरसाना शुरु किया, जिसका पाकिस्तान की ओर से जवाब दिया गया. दूसरी ओर, भारतीय कश्मीर में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने पाकिस्तान पर बिना किसी उकसावे के भारतीय नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया.

सितंबर में न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक अधिवेशन के मौके पर भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात की अब तक कोई योजना नहीं बनी है. पाकिस्तान ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके पैरामिलिट्री रेंजर्स और भारत के बीएसएफ प्रमुखों के बीच नई दिल्ली में मुलाकात होना तय हुआ है. इस मुलाकात में सीमा पर संघर्ष विराम और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत होगी.

दो प्रसिद्ध अमेरिकी थिंकटैंक्स ने बताया है कि एक दशक में पाकिस्तान के पास 350 परमाणु हथियार होंगे. ऐसी हथियारों के जखीरे के मामले में अमेरिका और रूस के बाद दुनिया में पाकिस्तान का तीसरा नंबर होगा. 'अ नॉर्मल न्यूक्लियर पाकिस्तान' नाम की 48 पन्नों वाली इस रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान स्थितियों को देखते हुए, अगले 10 सालों में पाकिस्तान के पास भारत के मुकाबले दोगुने परमाणु हथियार हो सकते हैं. इसे देखते हुए अगर भारत परमाणु हथियारों की होड़ में लग गया तो वैश्विक परमाणु निरस्त्रीकरण केवल योजना ही रह जाएगी.

ब्रिटिश शासन से 1947 में मिली आजादी के बाद से पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर पर तीन युद्ध हो चुके हैं. यह हिमालयी राज्य अभी भी दोनों देशों के बीच बंटा हुआ है और दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच आज भी यह विवाद की जड़ है. 1965 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध की समाप्ति की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर 28 अगस्त को भारत में शहीदों को याद किया गया. राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इंडिया गेट पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

भारत में पिछले कई महीनों में जोर पकड़ चुका सेना के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 'वन रैंक वन पेंशन' का आंदोलन जारी है. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस स्थिति पर टिप्पणी की कि एक तरफ सेना के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की जा रही है और दूसरी ओर अनशन पर बैठे उसी सेना के लोगों की सुध नहीं ली जा रही है. 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर विचार करने और जल्द ही कोई निर्णय लेने का आश्वासन दिया था.

आरआर/एमजे (एएफपी,पीटीआई)

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