साल के पहले दिन सऊदी अरब में एक पाकिस्तानी को मौत की सजा | दुनिया | DW | 01.01.2019
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दुनिया

साल के पहले दिन सऊदी अरब में एक पाकिस्तानी को मौत की सजा

सऊदी अरब में नए साल की शुरुआत एक पाकिस्तानी नागरिक को मौत सजा देने के साथ हुई. हेरोइन की तस्करी के आरोपों में हुई थी नेजार अहमद की गिरफ्तारी.

Saudi Arabien Protest gegen Hinrichtung von bangladeschischen Arbeitern (picture-alliance/dpa/A. Abdullah)

तस्वीर सांकेतिक है

नए साल के पहले दिन सऊदी अरब ने गृह मंत्रालय ने कहा कि नेजार अहमद नाम के इस पाकिस्तान नागरिक को हेरोइन की तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया और इसके लिए उसे मौत की सजा दी गई. बयान के मुताबिक उसे सऊदी शहर जेद्दाह में मौत की सजा दी गई.

यह सऊदी अरब में 2019 में दी गई मौत की पहली सजा है. 2018 में सऊदी अरब में 125 लोगों को मौत की सजा दी गई थी. इससे पहले यह संख्या 2017 में 122 और 2016 में 144 रही. सऊदी अरब में गोली मार कर या फिर सिर कलम कर मौत की सजा दी जाती है. अमेरिका अकेला बड़ा पश्चिमी देश है, जहां पर मौत की सजा पर अमल होता है.

मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट कहती है कि 2017 तक 142 देशों ने अपने यहां मौत की सजा को खत्म कर दिया था. 106 देशों में तो किसी भी अपराध के लिए मौत की सजा नहीं होती. लेकिन 23 देशों में यह सजा अब भी है.

मौत की सजा देने के मामले में सऊदी अरब, इराक, ईरान और पाकिस्तान भी टॉप 10 में हैं. 2017 में कुल 84 प्रतिशत लोग सऊदी अरब, इराक और पाकिस्तान में ही फांसी पर चढ़ाए गए. वहीं ईरान में 30 लोगों को सरेआम फांसी दी गई.

2017 में जिन देशों ने अपने यहां सभी तरह के अपराधों में मौत की सजा को खत्म किया उनमें गिनी और मंगोलिया का नाम शामिल है.

एके/ओएसजे (डीपीए)

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