समंदर में कैसे गायब हो गई 800 किलो की ऑब्जरवेट्री | विज्ञान | DW | 06.09.2019
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विज्ञान

समंदर में कैसे गायब हो गई 800 किलो की ऑब्जरवेट्री

जर्मनी में समुद्र की गहराई में बनाई गई ऑब्जरवेट्री गायब है. समुद्र विज्ञान के बारे में अहम जानकारी देने वाली इस ऑब्जरवेट्री के डाटा को "बेशकीमती" बताया जाता है.

जर्मनी के प्रतिष्ठित हेल्महोल्ज सेंटर फॉर ओशन रिसर्च की अंडरवॉटर ऑब्जरवेट्री को खोजने की दूसरी कोशिश भी नाकाम हो चुकी है. गोताखोरों ने समुद्र में 22 मीटर गहरा गोता लगाया. काफी देर तक वे समुद्र का चप्पा चप्पा छानते रहे, लेकिन ऑब्जरवेट्री का पता नहीं चला. गोताखोरों को पानी के भीतर सिर्फ कुछ तार मिले. इस रहस्यमयी मामले की जांच पुलिस भी कर रही है.

800 किलोग्राम भारी ऑब्जरवेट्री ने 21 अगस्त से संकेत भेजना बंद कर दिया था. दो हिस्सों वाली ऑब्जरवेट्री उत्तर पश्चिमी जर्मनी के तटीय कील शहर से 20 किलोमीटर दूर समुद्र में स्थित थी. ऑब्जरवेट्री बाल्टिक सागर में होने वाले बदलावों का डाटा जमा करती थी.

जिस जगह से ऑब्जरवेट्री गायब हुई है, वह समुद्र का सुरक्षित इलाका है. वहां जहाजों की आवाजाही प्रतिबंधित है. छोटी नावों के जाल में भी इतनी भारी मशीन का फंसना असंभव माना जा रहा है. दुर्लभ लोकेशन के चलते चोरी की आशंका भी कम ही है.

वैज्ञानिकों को अंदेशा है कि समुद्र की तेज लहरें या किसी विशाल समुद्री जीव ने ऑब्जरवेट्री को जगह से हटा दिया है.

इंस्टीट्यूट अब जर्मन नौसेना की मदद लेने की सोच रहा है. ऑब्जरवेट्री की कीमत 3,00,000 यूरो है. ऑब्जरवेट्री से संबंधित जियोमार प्रोजेक्ट के प्रमुख हेरमन बांगे के मुताबिक, उससे मिलने वाला डाटा "बेशकीमती" है.

ओएसजे/आरपी (डीपीए)

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