श्ट्रॉस कान के खिलाफ सेक्स कांड में मुकदमा | दुनिया | DW | 02.02.2015
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दुनिया

श्ट्रॉस कान के खिलाफ सेक्स कांड में मुकदमा

सोमवार को फ्रांसीसी शहर लील में उनके खिलाफ वेश्याओं की दलाली के आरोप में मुकदमा शुरू हो रहा है. उनका कहना है कि लड़कियों को उन्होंने अपने साथियों की गर्लफ्रेंड समझा था.

शायद ही और कोई राजनीतिज्ञ हो जिसका ऐसा पतन हुआ हो. देश में डीएसके के नाम से विख्यात श्ट्रॉस कान फ्रांस के वाणिज्य मंत्री रह चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रमुख रहते हुए न्यूयॉर्क के एक होटलकर्मी के साथ बलात्कार के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और इसके साथ ही एक राजनीतिक करियर का अंत शुरू हुआ. 2011में जब मामले का खुलासा हुआ तो वे फ्रांस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे.

श्ट्रॉस कान के अलावा 13 अन्य लोगों पर संगठित दलाली का आरोप है. लील की अदालत पेरिस, वॉशिंगटन या लील में हुई अर्द्धनग्न पार्टियों में उनकी भूमिका के बारे में पड़ताल करेगी. इनमें भाग लेने वाली महिलाएं सेक्स वर्कर थीं जिन्हें पार्टी में आने के लिए भुगतान किया गया था. फ्रांसीसी कानून के मुताबिक यह वेश्याओं की दलाली है. 65 वर्षीय श्ट्रॉस कान का कहना है कि उन्हें इन महिलाओं को पेमेंट किए जाने का पता नहीं था. यह साबित होने पर वह सजा से बच जाएंगे.

मुकदमा उत्तरी फ्रांस के लील शहर में हो रहा है, जहां के लक्जरी होटल में ज्यादातर मामलों के होने का संदेह है. श्ट्रॉस कान के अलावा इस मुकदमे में होटल और चकलाघर के मालिकों पर भी आरोप है. लक्जरी होटल कार्लटन के तीन मैनेजर भी आरोपी हैं. दल्ले, अपराधी और स्थानीय व्यापारी, जिन्हें श्ट्रॉस काम की नजदीकी से फायदा होने की उम्मीद थी. अगर श्ट्रॉस कान के खिलाफ आरोप साबित हो जाते हैं तो उन्हें दस साल की कैद और 15 लाख यूरो का जुर्माना हो सकता है.

अदालत में दायर आरोप पत्र लक्जरी होटलों, सेक्ल क्लबों और प्राइवेट चकलाघरों के बीच स्ट्रॉस कान की जिंदगी को दिखाते हैं. कुछ मामलों में स्कॉर्ट गर्ल को न्यूयॉर्क भी भेजा गया. आरोप पत्र के अनुसार श्ट्रॉस कान एसएमएस बेजर अपने टूर के लिए "माल" मंगवाते थे और "उम्मीदवारों" के साथ पार्टी करते थे. इनमें से कुछ महिलाओं का बयान श्ट्रॉस कान के लिए घातक हो सकता है. एक ने तो यहां तक कहा है कि उसने डीएसके को पेमेंट के बारे में बताया था.

फ्रांस का जनमत डोमिनिक श्ट्रॉस कान पर बंटा हुआ है. ले पेरिसियन के एक सर्वे में 55 फीसदी लोगों की उनके बारे में खराब राय है लेकिन 60 फीसदी का मानना है कि अगर वे राष्ट्रपति होते तो फ्रांस की आर्थक हालत बेहतर होती. 79 फीसदी का मानना है कि वे फ्रांसोआ ओलांद से बेहतर राष्ट्रपति होते.

एमजे/आईबी (एएफपी)

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