′शाहरुख नहीं, अपना सोचे पाकिस्तान′ | दुनिया | DW | 29.01.2013
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दुनिया

'शाहरुख नहीं, अपना सोचे पाकिस्तान'

बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान के इंटरव्यू पर भारत और पाकिस्तान के बीच नोक झोंक होने लगी है. भारत ने शाहरुख की फिक्र कर रहे पाकिस्तानी गृह मंत्री रहमान मलिक से कहा है कि वे भारतीय नागरिकों की चिंता के बजाए अपना घर बार संभालें.

भारत ने यह जवाब रहमान मलिक के बयान के बाद दिया है. मलिक ने भारत से मांग की है कि वह अपने ही नागरिक शाहरुख खान को उचित सुरक्षा मुहैया कराए. मंगलवार को भारत के केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, "हम अपने नागरिकों की देखभाल करने में सक्षम हैं, उन्हें अपने देश के नागरिकों की सुरक्षा की चिंता होनी चाहिए."

दरअसल भारतीय पत्रिका आउटलुक को दिए शाहरुख खान ने इंटरव्यू दिया. ऐसी रिपोर्टें हैं कि शाहरुख ने कहा कि कभी कभी उन्हें लगता है कि वे ऐसे राजनेता का हथियार बन जाते हैं जो भारतीय मुसलमानों के बारे में गलत या गैर देशभक्त जैसी सोच के लिए उन्हें प्रतीक की तरह इस्तेमाल करते हैं.

पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमात उल दवा के प्रमुख हाफिज सईद ने भी इस इंटरव्यू पर तुरंत प्रतिक्रिया दी. सईद ने कहा कि अगर शाहरुख भारत में खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं तो उन्हें पाकिस्तान आ जाना चाहिए, यहां उनका स्वागत है.

Sushilkumar Shinde und Rehman Malik

रहमान मलिक के साथ सुशील कुमार शिंदे

सईद को भारत मुंबई हमलों का मास्टर माइंड कहता है. सईद की टिप्पणी के बाद किंग खान के इंटरव्यू पर राजनीतिक बखेड़ा खड़ा हो गया. आग में घी का काम रहमान मलिक के बयान ने किया, "वे (शाहरुख) जन्म से भारतीय हैं और भारतीय ही रहना चाहते हैं, लेकिन मैं भारत सरकार से अनुरोध करुंगा कि वह उन्हें सुरक्षा मुहैया कराए. मैं सभी भारतीय भाई बहनों और शाहरुख के बारे में नकारात्मक बातें कर रहे लोगों से आग्रह करता हूं कि वे यह जानें कि वह एक सिनेमा स्टार हैं."

क्या कहा शाहरुख ने

नेतागीरी के मुद्दों के लिए अपने इस्तेमाल का जिक्र करते हुए आउटलुक टर्निंग प्वाइंट से शाहरुख ने यह भी कहा, "मैं एक भारतीय हूं जिसके पिता ने भारत की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी लेकिन इसके बावजूद ऐसे भी मौके आए हैं जब मुझ पर अपने देश के बजाए पड़ोसी मुल्क की देशभक्ति करने के आरोप लगे. ऐसी भी रैलियां हुई हैं जिनमें नेताओं ने मुझे नसीहत दे डाली कि मैं अपना घर छोड़कर वहां वापस चला जाऊं जो मेरा मूल निवास्थान है."

Hafiz Mohammad Saeed

सईद की प्रतिक्रिया से भी बढ़ा विवाद

शाहरुख खान की छवि उदार अभिनेता की है. कट्टरपंथियों पर वह पहले से निशाना साधते रहे हैं. बॉलीवुड स्टार पहले दिए एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि उनके और अल्लाह के बीच में कोई तीसरा आ ही नहीं सकता. वह धर्म को बहुत ही निजी मामला बताते हैं. आउटलुक के साथ ताजा बातचीत में शाहरुख ने कहा, "मैं अपने बच्चों से कहता हूं कि आप सबसे पहले भारतीय हैं और आपका धर्म इंसानियत है."

शाहरुख खान की पीड़ा शिव सेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना जैसी अति दक्षिणपंथी पार्टियों से है. शाहरुख खान भारत, पाकिस्तान, और बांग्लादेश के अलावा अरब जगत, जर्मनी और अमेरिका में भी खासे लोकप्रिय हैं. 47 साल के शाहरुख बेबाक राय और तीखे हास्य के लिए भी जाने जाते हैं. पाकिस्तानी क्रिकेटरों को आईपीएल में अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स में रखने में भी शाहरुख खासी दिलचस्पी दिखाते रहे हैं. शाहरुख की लोकप्रियता धर्म और देश के बंधनों से पार है, यही बात महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीतिक पार्टियों को चुभती है.

शिंदे जिम्मेदार !

लेकिन इस बार बात शिव सेना और एमएनएस से आगे बढ़ गई है. भारतीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के 'हिंदू आतंकवाद' शब्द के बाद से हाफिज सईद भारतीय राजनीति के घरेलू मु्द्दों में बहुत दिलचस्पी ले रहे हैं. भारत की विपक्षी पार्टी बीजेपी ने बॉलीवुड स्टार से मांग की है कि वे सईद जैसे लोगों को जवाब दें. मंगलवार को बीजेपी के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा, "बहुत हुआ अब शाहरुख खान को भारत और दुनिया के लिए खतरनाक हाफिज सईद जैसे आतंकवादियों को उपयुक्त जवाब देना चाहिए."

बीजेपी का आरोप है कि सुशील कुमार शिंदे के बयान के बाद ही भारत और पाकिस्तान के बीच इस तरह की टिप्पणियों की जा रही हैं.

ओएसजे/एजेए (पीटीआई)

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