शरणार्थी संकट के बीच ईयू की तुर्की से उम्मीदें | दुनिया | DW | 05.10.2015
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

शरणार्थी संकट के बीच ईयू की तुर्की से उम्मीदें

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तय्यप एरदोवान सोमवार को यूरोपीय संघ के नेताओं से मिल रहे हैं. ब्रसेल्स में चल रही इस बैठक में शरणार्थियों का मामला अहम है.

एरदोवान ब्रसेल्स दौरे पर यूरोपीय आयोग के प्रमुख जाँ क्लोद युंकर, यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष डोनाल्ड टुस्क और यूरोपीय संसद के प्रमुख मार्टिन शुल्त्स से मुलाकात कर रहे हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में सीरिया और इराक से आने वाले शरणार्थियों को ले कर नई रणनीति तैयार की जा सकेगी. अकेले तुर्की में ही सीरिया से आए 20 लाख शरणार्थी मौजूद हैं. इसके अलावा हजारों की संख्या में लोग तुर्की से होते हुए ग्रीस पहुंचते हैं, जहां से वे यूरोप की मुख्य भूमि में प्रवेश करते हैं. इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन के अनुसार 1 अक्टूबर तक चार लाख लोग ग्रीस में प्रवेश कर चुके हैं. अधिकतर लोग तुर्की से नाव के रास्ते ग्रीस के एगन द्वीप पर पहुंचते हैं.

मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार यूरोपीय आयोग तुर्की को एक अरब यूरो की सहायता राशि देगा जिससे देश को शरणार्थियों से निपटने में मदद मिल सकेगी. तुर्की से उम्मीद की जा रही है कि इस पैसे को वह शरणार्थियों के बच्चों की शिक्षा और शरणार्थियों को नौकरी दिलवाने के लिए इस्तेमाल करेगा. इस मदद का मुख्य कारण शरणार्थियों को तुर्की के ही कैंपों में रहने के लिए प्रोत्साहित करना और यूरोप में आने से रोकना है. साथ ही यूरोपीय संघ यह भी चाहता है कि तुर्की ग्रीस से लगी अपनी सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दे. जर्मन अखबार फ्रांकफुर्टर अलगेमाइने जोनटाग्सत्साइटुंग ने यह खबर छापी है और इसकी कड़ी आलोचना भी हो रही है.

रविवार को एरदोवान ने फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में भाषण दिया, जिसमें उन्होंने यूरोपीय देशों को शरणार्थियों के भूमध्य सागर में डूबने के लिए जिम्मेदार बताया. एरदोवान के इस भाषण का तुर्की में लाइव प्रसारण भी हुआ. तुर्की फिलहाल यूरोपीय संघ का हिस्सा नहीं है लेकिन वह ईयू में शामिल होने की ख्वाहिश रखता है. यह भी बैठक का एक अहम मुद्दा है.

आईबी/एमजे (डीपीए, रॉयटर्स)

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन