वैटिकन में ′चुप्पी की दीवार′ | दुनिया | DW | 30.09.2012
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दुनिया

वैटिकन में 'चुप्पी की दीवार'

पोप बेनेडिक्ट 16वें के पुराने बटलर पर मालिक के साथ विश्वासघात करने के आरोप हैं. वैटिकन चाहता है कि उसे सजा हो लेकिन उसकी न्याय प्रणाली को चोरी के कारणों की जांच में कोई रुचि नहीं है.

वैटिकन की अदालात

वैटिकन की अदालात

वैटिकन की अदालत में इतना बड़ा मुकदमा आना रोज की बात नहीं है. जज और उनके दो सहयोगी अक्सर छोटी मोटी चोरी और जेबकतरों के मामलों का ही निबटारा करते हैं जो यहां आने वाले एक करोड़ 80 लाख पर्यटकों की जेब पर अपना हाथ साफ करते हैं.

संगीन आरोप

लेकिन यह मामला गंभीर है. दुनिया भर से पत्रकार पूर्व बटलर पाओलो गाब्रिएले के मुकदमे के लिए वहां पहुंचे हैं. गाब्रिएले के अलावा उसके सहयोगी कंप्यूटर टेकनीशियन क्लाउडियो सियारपेलेट्टी पर भी मुकदमा चल रहा है. पाओलो गाब्रिएले पर पोप की संपत्ति चुराने का संगीन आरोप है. वेटिकन की वेबसाइट पर अगस्त में चोरी की गई वस्तुओं की सूची थी जिसमें गोपनीय दस्तावेज के साथ एक लाख यूरो से ज्यादा का एक चेक भी था जो पोप के नाम का था.

मुकदमा शनिवार को शुरू हुआ और शुरुआत में ही जजों ने गाब्रिएल के वकीलों का अनुरोध खारिज कर दिया. जज ने दस्तावेज लीक करने के बारे में कार्डिनल्स के सबूतों को सुनने से इनकार कर दिया और फैसला दिया कि वैटिकन पुलिस और अभियोक्ता के ही सबूतों को सही माना जाएगा. केस को मंगलवार तक के लिए मुल्तवी कर दिया गया. मंगलवार को गाब्रिएल से पूछताछ की जाएगी. वैटिकन के प्रवक्ता फेडेरिको लोम्बार्दी ने मुकदमे की अवधि के बारे में अनिश्चितता जताई.

टीवी इंटरव्यू

पोप बेनेडिक्ट ने तीन कार्डिनल चुने जिन्होंने इस लीक के कारण पता करने के लिए 10 हफ्ते जांच की. इन तीनों को यह पता लगाना था कि बटलर ने अकेले काम किया या फिर इस चोरी में कोई और भी शामिल था या वैटिकन में ही किसी तरह का षडयंत्र रचा जा रहा था.

पोप के एकांत कक्ष से इन अहम कागजों के छपने की खबर दुनिया भर में देखी गई और वैटिलीक्स का नाम दे दिया गया. आखिरकार मई में पोप के निजी सचिव गोऑर्ग गांसलाइन ने पाओलो गाब्रिएले को पकड़ा.

इटली के निजी टीवी चैनल ला7 ने गाब्रिएल के साथ एक इंटरव्यू किया जिसमें उसने इस चोरी का कारण बताया. यह इंटरव्यू फरवरी में किया गया था लेकिन उस समय न तो उसका चेहरा दिखाया गया और आवाज भी बदल दी गई. इंटरव्यू में गाब्रिएल ने दावा किया था कि वह वैटिकन में चुप्पी की दीवार से अशांत हो गया था. उन्होंने कहा कि यह सूचना उन्होंने पैसे के लिए लीक नहीं की बल्कि न्यायपूर्ण चर्च के लिए, न्याय जो पोप भी चाहते हैं.

चुप्पी की दीवार से बटलर का क्या मतलब था पता नहीं लेकिन इस बारे में कार्डिनल की जांच में कुछ सामने नहीं आया. गाब्रिएल और सियारपेलेटी ने दावा किया कि उन्हें अनजान सूत्रों ने ये गोपनीय दस्तावेज दिए.

जेल की सजा

600 नागरिकों वाले वैटिकन सिटी की न्याय व्यवस्था स्वतंत्र नहीं है. वैटिकन के संविधान में कहा गया है कि पोप भी प्रशासन प्रमुख, मुख्य न्यायाधीश और एकमात्र कानून निर्माता है. वह जजों को अपनी मर्जी से रख और निकाल सकता है. वह आपराधिक फैसलों को बदल भी सकता है और अपराधियों को माफी भी दे सकता है. वैटिकन चुनाव के बावजूद पूरी तरह से एक ऐसा राज्य है जिसमें पोप को विशेष अधिकार हैं.

वैटिकन में काफी साल काम कर चुके बटलर का आरोप यदि साबित होता है तो उसे आठ साल कैद दी जाएगी जो उसे इटैलियन जेल में काटनी होगी. वैटिकन के कारावास में सिर्फ दो ही कमरे हैं. एक और कमरा है जिसे स्टोर रूम के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. यह काफी दिन तक हिरासत का कमरा रहा. यहीं गाब्रिएले को पूछताछ के लिए रखा गया था. बाद में उसे उसके घर में नजरबंद कर दिया गया. सिर्फ रविवार की प्रार्थना सभा में उसे जाने की अनुमति थी.

गाब्रिएले के पारिवारिक मित्र के मुताबिक उसे अपने बच्चों की बहुत चिंता है क्योंकि वह लगातार मीडिया की उपस्थिति से परेशान हैं. गाब्रिएले की पत्नी और तीन बच्चे अभी भी वैटिकन के अपार्टमेंट में रहते हैं.

Papst Benedikt und sein Kammerdiener Paolo Gabriele

पोप के साथ बटलर पाओलो गाब्रिएले

कम लोग

चूंकि वैटिकन कोर्ट के पास कम लोग हैं इसलिए अक्सर वह बड़े मामलों के लिए इटली के अधिकारियों को बुलाते हैं, ताकि जांच और आपराधिक मामलों की सुनवाई वे करें. इटली इसके लिए मना नहीं कर सकता. 1981 में पोप की हत्या की कोशिश के मामले में अली आग्का की सुनवाई इटली की अदालत में की गई. वैटिकन में सेंट पीटर चौक पर इटली की पुलिस का ही पहरा होता है.

लेकिन इस मामले के बाद 1988 में स्विस गार्ड में दोहरी हत्या का मुकदमा का वैटिकन की अदालत ने ही सुलझाया. इस मामले में पोप की सुरक्षा करने वाले स्विस गार्ड के ही एक सदस्य ने अन्य गार्ड और उसकी पत्नी की हत्या की थी. गाब्रिएल ने चुप्पी की दीवार की बात करते हुए इस हत्या के बारे में भी कहा.

लेकिन जर्मन अखबार बाडिशे जाइटुंग ने चुप्पी की यह दीवार आखिरकार एक अन्य मामले में टूटती हुई बताई है. 30 साल बाद वैटिकन ने इमैन्युएला ओर्लांडी के अपहरण में सहयोग देने की बात की है. 15 साल की इमैन्युएला वैटिकन सिटी से 1983 में गायब हो गई थीं. उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं है. अटकलें हैं कि माफिया और वैटिकन बैंक इस मामले में किसी तरह शामिल थे. वैटिकन की जांच में इस पर कुछ पता नहीं चला. अब प्रवक्ता ने कहा है कि वैटिकन इटैलियन पुलिस के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है.

इटली की मीडिया के मुताबिक पोप के बटलर ने पूछताछ के दौरान इस मामले के बारे में कहा था.

रिपोर्टः बर्न्ड रीगर्ट/आभा मोंढे

संपादनः ईशा भाटिया

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