′विकीलीक्स को हो रहा है भारी नुकसान′ | ताना बाना | DW | 10.01.2011
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ताना बाना

'विकीलीक्स को हो रहा है भारी नुकसान'

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज ने कहा है कि अमेरिका से संबंधित गोपनीय दस्तावेजों के प्रकाशन के बाद विकीलीक्स को हर सप्ताह लगभग पांच लाख यूरो का नुकसान हो रहा है.

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स्वीडन के अखबार ट्रिब्यून डे जेनवे और 24 हॉइरेस ने असांज से सवाल पूछा कि गोपनीय दस्तावेजों को प्रकाशित करने के बाद उन पर किस प्रकार का दबाव रहा. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि निजी तौर पर कोई दबाव नहीं था, लेकिन विकिलिक्स के वित्तीय हितों को ध्यान में रखकर कहूं तो यह अलग बात होगी.

विकीलीक्स के संस्थापक और गोपनीय दस्तावेजों का खुलासा करने वाले जूलियन असांज ने कहा, "विकीलीक्स पर गोपनीय राजनयिक दस्तावेजों के खुलासे के बाद से हमें हर सप्ताह लगभग 4 लाख 81 हजार यूरो का नुकसान हो रहा है. हमें बिजनस में बने रहने के लिए जल्द ही कोई रास्ता ढूंढना होगा, जिससे हमारे नुकसान की भरपाई हो सके."

No Flash Julian Assange Wikileaks Gründer

आखिर विकीलीक्स पर विवादास्पद दस्तावेजों के प्रकाशन के बाद उसे इतना नुकसान क्यों हो रहा है, इसका कोई ठोस कारण नहीं दिखता, लेकिन हकीकत यह है कि हाल ही में कई बैंकों और अन्य संस्थानों ने विकीलीक्स से अपने कारोबारी रिश्ते खत्म कर लिए हैं, जिससे उसे नुकसान हो रहा है.

यौन उत्पीड़न के आरोपी असांज इन दिनों जमानत पर हैं. लंदन में मंगलवार को उनके इस मुकदमे की सुनवाई की तारीख तय होगी.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को सरकारी कम्प्यूटर से गोपनीय दस्तावेज चोरी करने के लिए उकसाने के आरोप में असांज पर अमेरिका में भी मुकदमा करने की तैयारी चल रही है.

दिसंबर माह में असांज ने ब्रिटेन के संडे टाइम्स के साथ साक्षात्कार में कहा था कि वित्तीय समस्याओं के कारण उन्होंने 1.2 मिलियन यूरो के एवज में अपनी आत्मकथा लिखना स्वीकार किया है. लेकिन उन्होंने इस अनुबंध के लिए किसी भी तरह का अग्रिम भुगतान मिलने से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि मुझे अपनी आत्मकथा लिखने के लिए कोई धन नहीं मिला है, बल्कि अगर मेरी आत्मकथा सफल रहती है तो आने वाले कुछ सालों में मुझे 1.2 मिलियन यूरो की रकम मिलेगी.

असांज ने उन अफवाहों को गलत बताया जिनमें कहा जा रहा था कि वह स्विट्जरलैंड के अस्पताल में हैं और यह यह तय करने वाले हैं कि कौन से देश में वे सुरक्षित रहेंगे.

रिपोर्टः एजेंसियां/एसके

संपादनः आभा एम

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