वायु प्रदूषण के खिलाफ खड़े होते जर्मनी के आम लोग | दुनिया | DW | 23.02.2018
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दुनिया

वायु प्रदूषण के खिलाफ खड़े होते जर्मनी के आम लोग

जर्मनी के श्टुटगार्ट शहर में मर्सिडीज और पोर्शे जैसी दिग्गज कार कंपनियों का मुख्यालय है. यह शहर वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण के मामले में भी जर्मनी में टॉप पर है. अब आम लोग पर्यावरण को साफ करने का बीड़ा उठा रहे हैं.

दक्षिण जर्मनी के श्टुटगार्ट शहर के ज्यादातर परिवारों के पास कम से कम एक कार है. इनमें बहुत सी कारें सेहत के लिए नुकसानदेह बारीक धुआं छोड़ती है. इसी शहर में रहने वाले राइको शीगनर गाड़ी का इस्तेमाल कम करना चाहते हैं, लेकिन यह आसान नहीं. राइको शीगनर इसकी वजह बताते हैं, "पब्लिक ट्रांसपोर्ट आपको मंजिल तक नहीं ले जाता. फिर आपके पास अपनी कार का इस्तेमाल करने के अलावा कोई चारा नहीं रहता. श्टुटगार्ट पहाड़ी पर है और यहां साइकिल चलाना भी मुश्किल है."

करीब सवा छह लाख की आबादी वाला श्टुटगार्ट शहर बारीक कणों के उत्सर्जन के मामले में जर्मनी की राजधानी है. कारों के धुएं से निकले बारीक कण दिल और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं. शीगनर नियमित रूप से घर पर इन कणों की मात्रा नापते हैं.

जमा किए गए डाटा को वे लुफ्टडाटेन डॉट इंफो (https://luftdaten.info/) वेबसाइट पर अपलोड करते हैं. वहां यूजर देख सकते हैं कि उनके इलाके में और शहर के दूसरे हिस्सों में महीन धूलकणों का स्तर क्या है. यदि वह बढ़ता है तो शीगनर अपनी गाड़ी घर पर ही छोड़ देते हैं.

वायु प्रदूषण चेक करने के लिए शीगनर एक आसान और सस्ते उपकरण का सहारा लेते हैं. इसे श्टुटगार्ट की ओके लैब ने बनाया है. वह इसके कलपुर्जों को फिट करने का तरीका भी बताती है. इसमें प्रोसेसर, वायरलेस चिप और यूएसबी पावर सप्लाई सोर्स है. इसके अलावा प्लास्टिक के दो पाइप भी हैं जो इसे मौसम के असर से बचाते हैं. कीमत है 30 यूरो यानि करीब बाइस सौ रुपये. 

ओके लैब में काम करने वाले फाबियान बाजलेन के मुताबिक मशीन को इंस्टॉल करना और इस्तेमाल करना बहुत आसान है, "इन्हें एक दूसरे से जोड़ दीजिए और पाइप में रख दीजिए. हार्डवेयर तैयार है. सॉफ्टवेयर का काम बाकी है लेकिन ये ज्यादा मुश्किल नहीं. आपको खुद कोई प्रोग्रामिंग नहीं करनी."

स्मॉग की चेतावनी के बावजूद सिर्फ 5 फीसदी लोग कार घर में छोड़ते हैं. इससे परेशान होकर ओके लैब के प्रमुख यान लुत्स ने दो साल पहले लुफ्टडाटेन डॉट इंफो वेबसाइट बनाई. उन्होंने लोगों को जागरुक करने की ठानी. आइडिया था लोगों तक जानकारी पहुंचाना. लुत्स कहते हैं, ये एक तरीका है लोगों के उपभोग और गाड़ी चलाने के व्यवहार को बदलने का. इस इलाके पर कारों का बड़ा प्रभाव है. हमें कुछ करना होगा और अपने उत्पादों का विकास जारी रखना होगा. ये लोगों को थोड़ा सोचने की प्रेरणा देगा कि आखिर हम क्या कर रहे हैं?"

श्टुटगार्ट में प्रांतीय सरकार ने तय किया है कि 2018 में बारीक धूलकण की मात्रा निश्चित सीमा से पार जाने पर खास तरह की डीजल गाड़ियों पर रोक लगा दी जाएगी. शहरी पर्यावरणविज्ञानी उलरिष रॉयटर शहर के सरकारी माप केंद्रों के लिए जिम्मेदार हैं. वे नागरिकों के अपने माप केंद्रों के पक्षधर है, लेकिन कुछ शंकाएं भी हैं.

रॉयटर कहते हैं, "यह सही में लोगों के बीच जागरुकता लाने का अच्छा कदम है, अगर यंत्रों का सही प्रयोग हो. लेकिन डाटा की गलत व्याख्या का भी खतरा है. मसलन एक आदमी सड़क पर मेजरमेंट करता है और दूसरा अपने बगीचे में. एक कहेगा बहुत प्रदूषण है, और दूसरा कहेगा जहां वह रहता है बहुत कम प्रदूषण है. ऐसा सिर्फ इसलिए कि दोनों जगहों की तुलना नहीं की जा सकती."

वायु प्रदूषण को निजी तौर पर मापना सिर्फ श्टुटगार्ट में ही नहीं बल्कि जर्मनी के कई इलाकों में ऐसे 400 केंद्रों में हो रहा है. यूरोप के कई शहर डीजल गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने का एलान कर चुके हैं. ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन ने कुछ शहरों के लिए समय सीमा भी तय कर दी है. जर्मनी में भी डीजल पर बहस तेज हो रही है. खुद वायु प्रदूषण चेक करने वाले उपकरण और लुफ्टडाटेन जैसी वेबसाइट लोगों को पर्यावरण के प्रति सजग कर रहे हैं.

अलेक्सा मेयर/ओएसजे

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