वायरल: क्रिसमस पर ″घर वापसी″ | लाइफस्टाइल | DW | 03.12.2015
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

लाइफस्टाइल

वायरल: क्रिसमस पर "घर वापसी"

एक बुजुर्ग की अपने परिवार को साथ लाने की यह कोशिश आपकी भी आंखें नम कर देगी. पांच दिन में इसे ढाई करोड़ बार देखा जा चुका है.

दिवाली हो, ईद या क्रिसमस, त्योहार परिवार के साथ मनाए जाते हैं. कभी बच्चे दादा दादी के साथ बड़े संयुक्त परिवारों में रहा करते थे, लेकिन आज की भाग दौड़ की जिंदगी में, कम से कम बड़े शहरों में तो बड़े परिवारों की परंपरा खत्म सी होती जा रही है. अधिकतर नौकरी के कारण लोग अपने माता पिता, भाई बहनों से दूर अलग अलग शहरों में जीने लगते हैं. ऐसे में ये त्यौहार ही वे मौके होते हैं, जब सबके एक साथ होने की उम्मीद रहती है.

अमेरिका में थैंक्स गिविंग और यूरोप में क्रिसमस साल का वह वक्त होता है जब पूरा परिवार एक साथ होता है. जर्मनी में क्रिसमस के मौके पर परिवार एक साथ होता है, कम से कम मां-बाप और बच्चे. वयस्क बच्चे अपने बच्चों के साथ आते हैं. लेकिन धीरे धीरे नई पीढ़ी ने इस परंपरा को भी तोड़ना शुरू कर दिया है. बराबरी के इस युग में पति और पत्नी के माता-पिता से मिलने जाना आसान भी नहीं होता. कई बार तो मां-बाप साथ भी नहीं रहते. वीडियो में देखिए कि एक बुजुर्ग की अपने परिवार को साथ लाने की ख्वाहिश का क्या होता है. बेहद भावनात्मक इस वीडियो को पांच दिन में ढाई करोड़ बार देखा जा चुका है. आप भी देखें और बताएं हमें कि यह आपको कैसा लगा, नीचे टिप्पणी कर के.

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन