वाइन की बोतलों का अंतरिक्ष में क्या काम | विज्ञान | DW | 05.11.2019
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विज्ञान

वाइन की बोतलों का अंतरिक्ष में क्या काम

बेहतरीन फ्रेंच वाइन की दर्जन भर बोतलें सोमवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची हैं. इससे पहले स्कॉच और व्हिस्की भी वहां भेजी जा चुकी है.

ये सब अल्कोहल वाले पेय वहां रह रहे अंतरिक्षयात्रियों के लिए नहीं हैं. रेड वाइन को विज्ञान से जुड़े प्रयोगों के लिए अंतरिक्ष स्टेशन में भेजा गया है. ये बोतलें जब वापस धरती पर आएंगी तब तक एक साल का वक्त अंतरिक्ष में बिता चुकी होंगी. रिसर्चर ये देखना चाहते हैं कि अंतरिक्ष की भारहीनता और विकिरण का पेय पदार्थों की उम्र ढलने की प्रक्रिया पर क्या असर होता है. इस रिसर्च का मकसद खानपान उद्योग के लिए नए स्वाद और खूबियों का विकास करना है.

शनिवार को नॉर्थरॉप ग्रुमैन कैप्सूल के साथ वर्जीनिया से इन बोतलों ने उड़ान भरी और सोमवार को ये अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंच गई. हर बोतल को धातु की कैन में पैक किया गया था ताकि इन्हें टूटफूट से बचाया जा सके. इस प्रयोग में जर्मनी के बवेरिया और फ्रांस के बोग्दू की यूनिवर्सिटियां हिस्सा ले रही हैं और ये प्रयोग लग्जेमबर्ग की स्टार्टअप कंपनी स्पेस कार्गो अनलिमिटेड के सहयोग से किया जा रहा है.

वाइन बनाने में यीस्ट और बैक्टीरिया दोनों का इस्तेमाल होता है और इसमें एक रासायनिक प्रक्रिया होती है. यही वजह है कि वाइन की इन बोतलों को अंतरिक्ष में भेजा गया है. कंपनी के वीडियो में एरलांगेन न्यूरेमबर्ग यूनिवर्सिटी के मिषाएल लेबर्ट ने यह जानकारी दी. वह इस प्रयोग के वैज्ञानिक निदेशक हैं.

Privater Raumfrachter «Cygnus» zur ISS gestartet (picture-alliance/Xinhua/T. Shen)

फाइल

अगले तीन सालों में कंपनी ने इस तरह के छह मिशनों की योजना बनाई है. कंपनी का दावा है कि बदलती दुनिया के लिहाज से इनमें भविष्य की कृषि के बारे में कई अहम जानकारी मिलेगी. स्पेस कार्गो अनलिमिटेड के संस्थापक निकोलस गाउमे का कहना है, "यह पूरे जीवन में एक बार मिलने वाला रोमांच है."

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा इस तरह और ज्यादा कारोबारी मौकों के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को खोल रही है जिसके बाद निजी अंतरिक्ष मिशनों की बारी आएगी. बोतलों को अंतरिक्ष लेकर जाने वाला सिगनस कैप्सूल और भी कई कारोबारी सामानों को अपने साथ ले कर गया है. इसी कैप्सूल में चिप कुकीज को बेक करने वाला ऑवन और कार्बन फाइबर के नमूने भी भेजे गए हैं. इन कार्बन फाइबरों का इस्तेमाल इटली की लॉम्बोर्गिनी अपने स्पोर्ट्स कार बनाने में करती है.

बीयर बनाने वाली मशहूर कंपनी बुडवाइजर ने पहले ही अपने जौ के बीजों को अंतरिक्ष में भेजा है. कंपनी की नजर मंगल ग्रह के लिए बीयर बनाने पर है. 2015 में जापान की व्हिस्की और अल्कोहल वाले दूसरे पेय बनाने वाली एक कंपनी ने भी कुछ नमूने भेजे थे. यहां स्कॉच भी भेजा जा चुका है. वाईन भी यहां पहली बार नहीं आई है. इससे पहले 1985 में डिस्कवरी शटल में एक फ्रेंच अंतरिक्ष यात्री अपने साथ एक वाईन की बोतल लेकर गया था. हालांकि यह बोतल वहां खोली नहीं जा सकी और यह अंतरिक्ष का चक्कर लगा कर वापस आ गई.

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन में फिलहाल तीन अमेरिकी, दो रूसी और एक इतालवी अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं. इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं कि उन्हें क्या पीना पसंद है.

एनआर/एमजे (एपी)

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