लोकसभा में लोकपाल पास, संवैधानिक दर्जा नहीं | जर्मन चुनाव 2017 | DW | 27.12.2011
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जर्मन चुनाव

लोकसभा में लोकपाल पास, संवैधानिक दर्जा नहीं

भारतीय संसद के निचले सदन यानी लोकसभा ने लोकपाल बिल को पास कर दिया है. लेकिन सरकार को उस वक्त भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब वह इसे संवैधानिक दर्जा नहीं दिला पाई.

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लगभग 10 घंटों की भारी मशक्कत के बाद इस बिल को पास कराया जा सका. इस दौरान विपक्ष ने तीखे बयान दिए और कुछ ने वॉक आउट कर दिया.अब इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां सरकार के पास जरूरी आंकड़े नहीं हैं.

दिन की शुरुआत के साथ ही संसद में विधेयक को लेकर अजीब सी स्थिति बन गई, जब कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने भी विपक्ष का साथ देना शुरू कर दिया और विधेयक की गलतियां निकालने लगे. बाद में समाजवादी पार्टी और बीएसपी ने संसद से वॉक आउट कर दिया. ये दोनों उत्तर प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां हैं और प्रदेश में दो महीने के अंदर विधानसभा चुनाव होने हैं.

विपक्ष ने बिल में जो संशोधन के प्रस्ताव रखे थे, वो गिर गए. विधेयक के अलग अलग बिंदुओं पर संसद में वोटिंग होती रही और बिल पास करने की पूरी प्रक्रिया में अच्छा खासा वक्त लगा. इस दौरान लोकसभा की स्पीकर मीरा कुमार बार बार सांसदों को समझाती दिखीं.

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लोकसभा के नेता प्रणब मुखर्जी ने कहा कि यह अहम मुद्दा है और पूरा देश इसका इंतजार कर रहा है, इसलिए इस बिल को पास कराना चाहिए. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी सांसदों से अपील की कि वे पार्टी लाइन से उठ कर इस बिल को पास कराएं.

लोकसभा में पास होने के बाद अब यह बिल राज्यसभा जाएगा, जहां सरकार के पास जरूरी सांसद नहीं हैं. वहां उसे फजीहत का सामना करना पड़ सकता है.

उधर, मुंबई में अनशन पर बैठे अन्ना हजारे की तबीयत खराब हो गई है. उन्हें तेज बुखार हो गया है और लोग उनसे अनशन तोड़ देने की अपील कर रहे हैं. लेकिन फिर भी अन्ना अड़े हैं.अन्ना हजारे का अनशन तीन दिन चलने वाला है. इन्हीं तीन दिनों में भारतीय संसद का शीतकालीन सत्र भी चलता रहेगा और विधेयक को पास कराने की कोशिश की जाएगी.

रिपोर्टः पीटीआई, एएफपी/ए जमाल

संपादनः एन रंजन

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