लड़के से बात करने पर बेटी की हत्या | दुनिया | DW | 02.11.2012
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दुनिया

लड़के से बात करने पर बेटी की हत्या

उस किशोर लड़की की गलती सिर्फ इतनी ही थी कि उसने घर से बाहर एक लड़के से बात की. इसकी सजा उसे दर्दनाक मौत के तौर पर मिली. यह सजा किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने माता पिता ने दी.

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कोटली में अपनी किशोर लड़की को जान से मारने की बात माता पिता ने स्वीकार कर ली है. अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि माता पिता ने घर के बाहर लड़के से बात करने के कारण उसकी हत्या कर दी. डॉक्टर के मुताबिक, "उसके सिर, चेहरे, आंखों, नाक, दोनों हाथ और पैरों में बुरी तरह जलने के निशान थे. उसके सिर की हड्डी भी देखी जा सकती थी.

डॉक्टर के मुताबिक मां ने पहले कहा कि उनकी बेटी ने आत्महत्या करने की कोशिश की है.

वहीं समाचार एजेंसी एपी ने स्थानीय सरकारी अधिकारी मसूद उर रहमान के हवाले से बताया है कि माता पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अधिकारी इम्तियाज अली ने बताया कि उन्होंने लड़की की हत्या जुर्म स्वीकार कर लिया. उनका विश्वास था कि लड़की परिवार की इज्जत धूल में मिला रही है. शव परीक्षण से पता चला है कि लड़की की मौत एसिड से जलने के कारण हुई.

एक अन्य पुलिस अधिकारी ताहिर अयूब के हवाले से एएफपी समाचार एजेंसी ने लिखा है कि लड़की के पिता मोहम्मद जफर को बेटी अनवू शा पर शंक था. वह अपनी बेटी को घर के बाहर एक लड़के के साथ देखकर आग बबूला हो गए. अयूब ने बताया, "जफर ने बेटी को मारा और फिर अपनी पत्नी की मदद से उस पर एसिड डाल दिया. वह बुरी तरह जल गई. इसके बाद भी वह अगली सुबह तक लड़की को अस्पताल नहीं ले गए. बुधवार को उसकी मौत हो गई."

अनवू शा की शादीशुदा बड़ी बहन ने पुलिस को चेताया और मांग की कि वह कोही रत्ता जिले की घटना की जांच करें. पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि उन्होंने लड़की की माता पिता के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है.  

पिछले साल ऑनर किलिंग के मामले में एक हजार लड़कियों को पाकिस्तान में अपनी जान गंवानी पड़ी. हालांकि मानवाधिकार और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह आंकड़ा बहुत बड़ा है अधिकतर मामले दर्ज ही नहीं किए जाते.

वैसे तो परिवार की इज्जत के नाम पर महिलाओं की हत्या दुनिया भर में फैली कुरीति है और इसमें सिर्फ पाकिस्तान पर ही अंगुली उठाना ठीक नहीं. भारत में भी स्थिति कोई बहुत अच्छी नहीं है. 2011 में ही भारत की सर्वोच्च अदालत ने फैसला दिया था कि जो भी अधिकारी ऑनर किलिंग रोकने में नाकाम रहेंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए. भारत में परिवार की नापसंद से, समान गोत्र में या फिर भाग कर शादी करने के मामले में लड़के या लड़की या फिर दोनों को मार डालने के कई मामले सामने आए हैं. उत्तर भारत में कुछ जगहें खाप पंचायतें तो अब भी इसे जायज ठहरा रही हैं. कनाडा, अमेरिका, जर्मनी जैसे विकसित देशों में रहने वाले एशियाई या तुर्क परिवारों में भी सम्मान की खातिर बेटी की हत्या करने के मामले सामने आते हैं.

आश्चर्य की बात है कि हत्यारे जेल जाने पर शर्मिंदा नहीं होते. कुछ जगहों पर तो समाज भी हत्या को जायज ठहराता है.

रिपोर्टः आभा मोंढे (एएफपी, रॉयटर्स)

संपादनः ओंकार सिंह जनौटी

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