रेत माफिया के खिलाफ एकाकी संघर्ष | दुनिया | DW | 03.05.2017
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दुनिया

रेत माफिया के खिलाफ एकाकी संघर्ष

संध्या रविशंकर पत्रकार हैं और दक्षिण भारत में रेत के अवैध खनन के बारे में लिखती हैं. अवैध खनन अरबों का कारोबार है, इसके बारे में लिखना पत्रकारों के लिए खतरे से खाली नहीं. लेकिन संध्या धमकियों के आगे झुकने को तैयार नहीं.

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भारत इस साल के प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में 180 देशों की सूची में तीन पायदान खिसक कर 136वें नंबर पर पहुंच गया है. घटती प्रेस स्वतंत्रता भारत के पत्रकारों के लिए लंबे समय से समस्या रही है. खासकर ऐसे पत्रकारों के लिए जो निर्माण और खनन के क्षेत्र में धांधलियों के बारे में लिखते हैं. यह वे इलाके हैं जहां राजनीति और व्यापार एक दूसरे से टकराते हैं. भारत संवाददाता सोनिया फलनीकर ने चेन्नै में संध्या रविशंकर से मुलाकात की.

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