रेत की कला से मुंबई हमलों की याद | लाइफस्टाइल | DW | 26.11.2015
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लाइफस्टाइल

रेत की कला से मुंबई हमलों की याद

सात साल पहले कारोबारी शहर मुंबई बड़े आतंकी हमले का गवाह बना. 26/11 के मुंबई हमलों को याद करते हुए भारत में अपने अपने अंदाज में लोग शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं. उनमें से एक है रेत का यह कलाकार...

26 नवंबर, 2008 को मुंबई पर आतंकवादियों का ऐसा हमला हुआ जो पूरी दुनिया के लिए झटका था. समुद्री रास्ते से आए कथित तौर पर पाकिस्तान से आए उग्रवादियों ने मुंबई के ताज होटल, ओबेरॉय होटल, लियोपोल्ड कैफे, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और नरीमन हाउस को निशाना बनाया. इन हमलों में करीब 166 लोग मारे गए. तब से अब तक मुंबई में जिंदगी तो बदस्तूर जारी है लेकिन एक असुरक्षा कहीं दिल में घर किए बैठी है. हमले में जीवित पकड़े गए इकलौते दोषी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब को नवंबर 2012 में फांसी दे दी गई. इस घटना के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध अभी तक सामान्य नहीं हुए हैं.

26/11 का दिन हर साल डर की सिहरन को दोबारा महसूस करा जाता है. इस घटना में मारे गए लोगों को देश भर से श्रद्धांजलि भरे संदेश ट्वीट किए जा रहे हैं. हरि कृष्ण एक कलाकार हैं जो रेत से कलाकृतियां तैयार करते हैं. मुंबई हमलों की याद दिलाता उनका यह वीडियो इंसानियत के महत्व के बारे में बहुत कुछ कह जाता है.

हाल में पेरिस में आतंकी हमले की भी मुंबई हमलों से तुलना हुई. इस हमले में 130 लोग मारे गए. पेरिस हमलों की जिम्मेदारी इस्लामी कट्टरपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली थी.

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