रूस में लगातार आत्मघाती हमले | दुनिया | DW | 30.12.2013
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

रूस में लगातार आत्मघाती हमले

विंटर ओलंपिक की तैयारियों में लगे रूस के शहर वोल्गोग्राड में लगातार दूसरे दिन आत्मघाती हमला हुआ है. सोमवार को 10 लोगों की मौत हुई, जबकि रविवार को भी 17 लोग मारे गए.

सोमवार को एक ट्रॉली बस में हुआ हमला भी रविवार की ही तरह खुदकुश हमला बताया जा रहा है. सुबह काम पर जाने के वक्त हुए इस हमले के बाद शहर में अफरा तफरी मच गई. गली में लाश बिखरी पड़ी दिखीं.

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सोची में होने वाले सर्दियों के ओलंपिक को गंभीरता से ले रहे हैं और इसकी तैयारियों के सिलसिले में उन्होंने कई बड़े कदम भी उठाए हैं. लेकिन खेल शुरू होने के सिर्फ छह हफ्ते पहले लगातार दो हमलों ने रूस की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इससे पहले रविवार को वोल्गोग्राड के एक ट्रेन स्टेशन पर हुए हमले में 17 लोगों की जान चली गई. यह स्टेशन दक्षिणी रूस का प्रमुख यातायात केंद्र है.

उड़ गई बस

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी है कि उसके संवाददाता ने उस नीली और सफेद रंग की ट्रॉली बस को देखा, जिसकी छत उड़ गई है और जिसमें सवार मुसाफिरों की क्षत विक्षत लाशें आस पास गली में बिखर गईं. प्रशासन ने इसे फौरन एक आतंकवादी घटना करार दिया है. घटनास्थल के पास एक महिला ने कहा, "लगातार दूसरे दिन हम मर रहे हैं. यह एक बुरे सपने की तरह है. हम क्या करें. बस ऐसे ही चलते रहें." इस बात को कहते हुए उसका गला रुंध गया. वोल्गोग्राड शहर रूस के सोची से करीब 700 किलोमीटर दूर है.

रूस पर लंबे वक्त से इस्लामी चरमपंथियों का खतरा है. वोल्गोग्राड के और दक्षिण में मुस्लिम बहुल लोग रहते हैं. जुलाई में चरमपंथियों ने इंटरनेट पर एक वीडियो रिलीज किया था, जिसमें हमलावरों से अपील की गई थी कि सोची खेलों से पहले उन्हें हमले तेज करने हैं. ये लोग उत्तरी कॉकेशिया में एक इस्लामी राष्ट्र का सपना देख रहे हैं. इससे पहले अक्टूबर में एक महिला आत्मघाती हमलावर ने वोल्गोग्राड में एक बस में हमला किया था, जिसमें आठ लोग मारे गए थे. बताया जाता है कि वह महिला उत्तरी कॉकेशिया की थी.

पुतिन की प्रतिष्ठा

लगभग 13 साल से रूस पर राज कर रहे राष्ट्रपति पुतिन ने निजी तौर पर सर्दियों के ओलंपिक को सफल बनाने की बात कही है और इसके लिए उन्होंने कई सामाजिक कदम भी उठाए हैं. इस्लामी चरमपंथियों से निपटने में मोटे तौर पर पुतिन सफल रहे हैं, खास कर चेचन्या के इलाके में. लेकिन वोल्गोग्राड में लगातार दो दिन में दो हमले ने उनकी साख पर भी सवाल लगाया है. हालांकि फिलहाल किसी ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है. मरने वालों के अलावा कई लोग घायल भी हुए हैं. अधिकारियों के मुताबिक रविवार को हुए हमलों के बाद 37 और सोमवार के हमलों के बाद 23 लोग घायल हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है.

रविवार को रेल स्टेशन में मेटल डिटेक्टर के पास एक हमलावर ने खुद को विस्फोटकों से उड़ा लिया. इसके बाद राष्ट्रपति पुतिन ने अधिकारियों से सख्ती बरतने को कहा. वोल्गोग्राड में ज्यादा अधिकारी तैनात किए गए हैं. उन्हें खास तौर पर स्टेशनों और एयरपोर्टों पर तैनात किया गया है.

सोची पर खतरा नहीं

रूस की प्रतिष्ठित आतंकवाद निरोधी संस्था अल्फा के उप प्रमुख एलेक्सी फिलातोव का कहना है कि सोची के मुकाबले दक्षिणी रूस में हमले करना आसान है. उनका कहना है कि सर्दियों के ओलंपिक से पहले कुछ और हमले हो सकते हैं, "अब सबसे ज्यादा खतरा है क्योंकि अब वह समय है, जब आतंकवादी सबसे ज्यादा ध्यान खींच सकते हैं. सोची में तो बहुत पहले ही सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. लिहाजा आतंकवादी वोल्गोग्राड जैसे शहरों को निशाना बनाना चाहेंगे."

खुद वोल्गोग्राड में रहने वाले फिलातोव का कहना है, "आधी पुलिस और आपातकाल सेवा तो सोची के लिए भेज दी गई है." वोल्गोग्राड में करीब 10 लाख लोग रहते हैं और 2018 में होने वाले विश्व कप फुटबॉल में यहां भी मैच खेले जाने हैं. विश्व कप के लिए पुतिन ने व्यक्तिगत तौर पर काफी मेहनत की थी.

लगभग तीन साल पहले जनवरी 2011 में मॉस्को के एयरपोर्ट पर उत्तरी कॉकेशिया के एक हमलावर ने विस्फोट किया था, जिसमें 37 लोगों की जान गई थी. उसके बाद से रविवार का हमला रूस में सबसे बड़ा आतंकवादी हमला है. जांचकर्ताओं ने पहले कहा कि रविवार का हमला एक महिला ने किया लेकिन बाद में कहा कि हो सकता है कि यह कोई पुरुष हो.

एजेए/एमजे (रॉयटर्स)

DW.COM

WWW-Links