रूस ने गूगल को दिया सरकार विरोधी प्रदर्शनों का वीडियो हटाने का निर्देश | दुनिया | DW | 12.08.2019
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दुनिया

रूस ने गूगल को दिया सरकार विरोधी प्रदर्शनों का वीडियो हटाने का निर्देश

गूगल के वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर मॉस्को में हुए विरोध प्रदर्शन के हजारों वीडियो अपलोड किए गए. रूस की मीडिया निरीक्षण एजेंसी ने गूगल से विरोध प्रदर्शनों की सूचना के प्रसार को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की है.

रूस की मीडिया नियामक संस्था ने गूगल कंपनी से राजधानी मॉस्को में सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों और गिरफ्तारियों के वीडियो अपने यूट्यूब प्लेटफॉर्म से हटाने को कहा है. दरअसल 10 अगस्त, शनिवार को मॉस्को में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे. कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इस घटना से संबंधित बहुत सारे वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किए गए थे. घटना के अगले दिन यानि 11 अगस्त, रविवार को ही रूस ने यूट्यूब से संबंधित वीडियो हटाने के निर्देश दे दिए.

रूस में दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी और जनसंचार के क्षेत्र की निगरानी करने वाली संघीय सेवा का कहना है कि उसने गूगल की अनिर्दिष्ट "संरचनाओं" के बारे में शिकायत की. शिकायत में कहा गया कि गूगल के कई टूल्स जैसे कि पुश नोटिफिकेशन का इस्तेमाल कर गैरकानूनी तरीके से किए गए विरोध-प्रदर्शन के बारे में सूचना फैलायी जा रही है. इनमें वे प्रदर्शन शामिल हैं, जिनका लक्ष्य चुनाव को बाधित करना है. बता दें कि शिकायत करने वाले इस रूसी संघीय कार्यकारी निकाय के पास मीडिया और दूरसंचार में सेंसरशिप लगाने की शक्तियां हैं.

रूस की निगरानी संस्था ने कहा कि यदि गूगल उसकी बातों का जवाब नहीं देता है, तो इसे प्रभुता-सम्पन्न मामले में हस्तक्षेप और रूस में लोकतांत्रिक चुनावों पर शत्रुतापूर्ण प्रभाव तथा बाधा माना जाएगा. निगरानी संस्था ने यह भी कहा कि ऐसे में सरकार बिना कारण बताए कार्रवाई कर सकती है.

मॉस्को में स्थानीय निकाय के चुनाव हो रहे हैं. इस चुनाव में विपक्षी पार्टी के कई उम्मीदवारों को चुनाव से बाहर कर दिया गया. इसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. शनिवार को हजारों लोगों ने निष्पक्ष चुनाव कराए जाने की मांग और पुलिस हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन किए. पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे करीब 1,300 लोगों को हिरासत में ले लिया.

रूस में सर्च इंजन से कुछ आवश्यक खोज परिणामों को हटाने, मैसेजिंग सर्विसेज को सुरक्षा सेवाओं के साथ 'इनक्रिप्टेड की' शेयर करने और रशियन ऑयल पर बने सर्वर पर रूस के यूजर्स के निजी डाटा एकत्र करने के लिए सख्त कानून हैं. यह पहली बार नहीं है जब रूस ने गूगल पर किसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश की है. मॉस्को में गूगल पर नियामक दबाव डालने का एक लंबा इतिहास है. गूगल रूसी इंटरनेट सर्च कंपनी यांडेक्स के मुख्य प्रतिद्वंद्वियों में से एक है.

आरआर/आरपी (एपी, डीपीए, रॉयटर्स)

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