राष्ट्रपति बन कर यूक्रेनी जनता को कितना खुश करेंगे कॉमेडियन जेलेंस्की | दुनिया | DW | 22.04.2019
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

दुनिया

राष्ट्रपति बन कर यूक्रेनी जनता को कितना खुश करेंगे कॉमेडियन जेलेंस्की

रील लाइफ में राष्ट्रपति का किरदार निभा चुके कॉमेडियन वोलोदिमीर जेलेंस्की अब रियल लाइफ में यूक्रेन के राष्ट्रपति पद तक पहुंच गए हैं. आलोचकों को डर है कि राजनीति में अनुभवहीन जेलेंस्की कितनी स्वतंत्रता से काम कर पाएंगे.

Ukraine | Präsidentschaftswahlen | Reaktion Wolodymyr Selenskyj (Reuters/V. Ogirenko)

वोलोदिमीर जेलेंस्की

एक कहावत है, "जो आखिर में हंसता है वह लंबे समय तक हंसता है", ऐसा लगता है कि ये कहावत यूक्रेन के कॉमेडियन-एक्टर वोलोदिमीर जेलेंस्की पर एकदम सटीक बैठती है. जेलेंस्की सालों से अपने पेशे के चलते लोगों को हंसाते आ रहे हैं. अब राष्ट्रपति चुनाव में मिली भारी जीत के बाद भी निर्णायक हंसी उन्हीं की है. 31 मार्च को हुए पहले चरण में जेलेंस्की को 30 फीसदी वोट मिले, जो कि उनके प्रतिद्वंदी पेत्रो पोरोशेंको से लगभग दोगुने थे. रविवार को एक बार फिर दोनों नेता आमने-सामने थे, और इस बार के एक्जिट पोल बता रहे हैं कि कॉमेडियन को तकरीबन 73 फीसदी मिल रहे हैं और मौजूदा राष्ट्रपति पोरोशेंको को महज 25 फीसदी.

वैसे जेलेंस्की कोई पहली बार इस पूर्व सोवियत देश के राष्ट्रपति नहीं बन रहे हैं. इसके पहले रील लाइफ के पर्दे पर वह यह पद संभाल चुके हैं. एक पॉपुलर टीवी कॉमेडी सीरीज 'सर्वेंट्स ऑफ द पीपुल' में जेलेंस्की ने एक ऐसे शिक्षक का किरदार निभाया था, जो अपने जीवन की बदलती परिस्थितियों के चलते देश का राष्ट्रपति बन बैठता है. कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इस सीरीज की कामयाबी ने जेलेंस्की के लिए राजनीति के असली दरवाजे खोले हैं. पर्दे पर उनका किरदार राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलता है, सत्ता के गलियारों में लड़ाई का झंडा बुलंद करता है. साथ ही नए लोगों को राजनीति में लाने का वादा करता है. अपने टीवी ड्रामे की ही तरह जेलेंस्की ने खुद को इन चुनावों में लोगों के सामने पेश किया. 

41 साल के जेलेंस्की यूक्रेन के सबसे युवा राष्ट्रपति बनने के लिए तैयार हैं. जेलेंस्की भारी आवाज वाले एक खुशमिजाज, सरल व्यक्तित्व वाले शख्स समझे जाते हैं. जेलेंस्की के पिता एक प्रोफेसर रहे हैं और इनकी जड़ें देश के दक्षिणपूर्वी क्षेत्र क्राइवि रीह से जुड़ी हुई हैं. यह इलाका यूक्रेन का लौह अयस्क वाला बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है. जेलेंस्की यूक्रेन के अब तक के सबसे सफल कॉमेडियनों में से एक हैं. जेलेंस्की और उनके जैसे कई कमेडियन पिछले 20 सालों से देश के प्रमुख राजनेताओं पर व्यंग्य करते रहे हैं. अपने टीवी कार्यक्रमों, फिल्मों और कॉमेडी सीरीज के जरिए ये लोग कभी कटाक्ष करने से पीछे नहीं रहे.

वहीं आलोचक, जेलेंस्की अब भी किसी स्वतंत्र राजनेता की तरह नहीं देख रहे हैं. उन्हें संदेह है कि जेलेंस्की देश के एक प्रभावशाली कारोबारी इयोर कोलोमोयस्की के साथ कोई गठबंधन कर सकते हैं. आलोचक मानते हैं कि ऐसे गठबंधन का मकसद पोरोशेंको को सत्ता से दूर रखना है. हालांकि दोनों पक्षों ने इस तरह के किसी गठबंधन को सिरे से खारिज किया है.

जेलेंस्की का अंदाज

ऐसा नहीं है कि दुनिया के लिए बस जेलेंस्की की दावेदारी ही हैरानी भरी थी, बल्कि चुनाव प्रचार के लिए तैयार किया गया उनका कैंपेन भी बिल्कुल अलग था. वह शहर के चौराहों पर बिल्कुल भी नजर नहीं आ रहे थे बल्कि पूरे देश की यात्रा कर रहे थे और उस यात्रा में अपना शो भी कर रहे थे. उस टीवी शो जैसे समेत कई प्रोग्राम को उद्योगपति कोलोमोयस्की का टीवी स्टेशन प्रसारित कर रहा था. इस दौरान जेलेंस्की ने शायद ही कोई इंटरव्यू दिया होगा. अगर कभी बात भी की तो सिर्फ ऐसे मीडिया संस्थानों से जो उन्हें समर्थन दे रहे थे. जेलेंस्की अपने समर्थकों से सोशल मीडिया पर वीडियो मैसेज के जरिए बातचीत करते थे. चुनाव प्रचार में दिए गए स्लोगन और युवाओं को आकर्षित करने वाले मुहावरों के प्रयोग में भी जेलेंस्की ने कोई कसर नहीं छोड़ी. नतीजतन वह पूर्वी यूक्रेन के उस युवा वर्ग को राजनीति से जोड़ पाए जो राजनीतिक रूप से सबसे अधिक उदासीन रहा है. 

दूसरे चरण के मतदान से पहले तक उनकी आवाज में राष्ट्रपति के खिलाफ आक्रामकता साफ देखी जा सकती थी. जेलेंस्की किसी शिकारी की तरह एक घायल जानवर की ओर बढ़ रहे थे. हालांकि इस दौरान वह अपने अस्पष्ट राजनीतिक विचारों से जुड़े गंभीर और आलोचनात्मक सवालों से बचते दिखे. जेलेंस्की अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी पेत्रो पोरोशेंको से टीवी डिबेट के लिए तैयार नहीं थे, उनकी शर्त थी कि अगर बहस होती भी है तो वह किसी टीवी स्टूडियो की बजाय किसी स्टेडियम में होनी चाहिए.

Ukraine | Präsidentschaftswahlen | Reaktion Poroschenko (Reuters/V. Fedesenko)

पेत्रो पोरोशेंको

जेलेंस्की का चुनावी घोषणापत्र यह बताता है कि अगर वह राष्ट्रपति बने तो देश उनसे क्या उम्मीद कर सकता है. उन्होंने लोगों से यूक्रेन को उनके सपनों का देश बनाने का वादा किया है, जो भ्रष्टाचार मुक्त होगा, लोगों की अच्छी तनख्वाह और पेंशन होगी, इंटरनेट तेज रफ्तार से दौड़ेगा और आम लोगों के लिए अच्छी सड़कों का इंतजाम होगा. उन्होंने वादा किया है कि सत्ता लोगों के हाथों में होगी, ज्यादा से ज्यादा जनमत संग्रह किए जाएंगे, अधिक से अधिक न्याय होगा और सुरक्षा के इंतजामों में भी कोई कमी नहीं होगी. जेलेंस्की ने यह तक कह डाला कि पूर्वी यूक्रेन में चल रही लड़ाई और विवाद थम जाएंगे, लेकिन उसके लिए क्या किया जाएगा इस पर वह अधिकतर वक्त खामोश रहे. कुल मिलाकर यहां उनकी नीति अधिक से अधिक वोटरों को अपने साथ खड़ा करने की थी 

किस बात का है डर

सिर्फ सफल मीडिया नीतियां और चुनाव अभियान ही जेलेंस्की की सफलता का राज नहीं है. यूक्रेन के राजनीतिक परिदृश्य की छवि दशकों से काफी खराब रही है. पोरोशेंको को समाज का एक बड़ा तबका नापसंद करता है. उन्हें खुद से पूछना चाहिए कि क्या उन्होंने अपने सत्ता में फिर से आने की संभावनाओं का अच्छे से आंकलन किया था.

साल 2014 में सत्ता परिवर्तन के पीछे की प्रेरक शक्ति रहे ऐसे यूक्रेनी नागरिक, जो खुद को पश्चिमी देशों के करीब मानते हैं, वे जेलेंस्की की चुनावी सफलता को चिंता और निराशा का मिश्रण मान रहे हैं. सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि जेलेंस्की एक रूसी भाषा बोलने वाला कमेडियन है जिन्होंने यूक्रेनी देशभक्ति की नकल उतारी है. साल 2014 में क्रीमिया पर रूस के कब्जे के बाद यूक्रेन की राजनीति में रूस और रूसी भाषा की अस्वीकृति सबसे प्रमुख बात रही है.

वे यह भी कहते हैं कि जेलेंस्की के पास कोई राजनीतिक अनुभव नहीं है. उन्हें डर है कि वह देश को संकट में डाल सकते हैं. कुछ लोगों को पूर्व राष्ट्रपति विक्टर यानकोविच के करीबियों की वापसी का भी अंदेशा है जो सत्ता से बेदखल होने के बाद रूस भाग गए थे.

इन सबके बीच बड़ी अनिश्चितता यही है कि राष्ट्रपति जेलेंस्की कितने स्वतंत्र होंगे. उनके सलाहकारों और उन्हें सत्ता तक पहुंचाने वालों का उन पर कितना प्रभाव होगा. किसी भी संभावना में केवल चुनाव जीतना उन्हें देश चलाने की अनुमति नहीं देगा. जाड़ों में देश की संसद के लिए चुनाव होने हैं ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जेलेंस्की इन चुनावों को जल्द करा सकते हैं ताकि उनकी पार्टी सत्ता में आए. उनकी पार्टी का नाम भी उनके टीवी शो के नाम पर 'सर्वेंट ऑफ द पीपुल' ही रखा गया है.

रोमान गोंचारेंको/एए

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन