रामलीला करने का ″एक मुसलमान″ का सपना रह गया अधूरा | लाइफस्टाइल | DW | 07.10.2016
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लाइफस्टाइल

रामलीला करने का "एक मुसलमान" का सपना रह गया अधूरा

बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दिकी का बचपन का एक सपना अधूरा रह गया. सपना रामलीला में हिस्सा लेने का.

फिल्मों में अपनी अदाकारी के लिए हमेशा तारीफ बटोरने वाले नवाजुद्दीन ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो के साथ अपना सपना अधूरा रह जाने की बात लिखी है. वह कहते हैं, "मेरा बचपन का सपना पूरा न हो सका, लेकिन अगले साल निश्चित तौर पर रामलीला का हिस्सा बनूंगा. देखिए रिहर्सल.”

भारतीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नवाजुद्दीन उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में अपने गांव में होने वाली रामलीला में मारीच का रोल करने वाले थे लेकिन कुछ कट्टरपंथियों ने उनके मुसलमान होने पर सवाल उठाते हुए उन्हें रामलीला में हिस्सा नहीं लेने दिया.

इसके बाद नवाजुद्दीन को ट्विटर पर लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है.

ट्विटर हैंडल @docvivekarora से लिखा गया, "बहुत ही बेवकूफी वाली बात है कि एक एक्टर को उसके धर्म की वजह से परफॉर्म नहीं करने दिया गया.”

नितेश कुमार राय ने लिखा, "उस कारण को लेकर बहुत शर्मिंदा है जिसके चलते आपको ऐसा करने से रोका गया.”

जसपाल ने ट्वीट किया, "सर सुन कर बुरा लगा.. लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि मेरे शहर अंबाला में एक मुसलमान लड़का राम के भाई लक्ष्मण का रोल करता है.”

@indianyogi हैंडल से ट्वीट किया गया, "नवाज भाई, हम किसी ठग को हिंदू धर्म का ठेकेदार नहीं बनने देंगे. मुझे हिंदू होने पर और आरएसएस समर्थक होने पर गर्व है और मुझे भरोसा है कि कोई भी समझदार हिंदू इस मुद्दे पर आपका विरोध नहीं करेगा.”

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