राजा की विदाई, कौन बनेगा संचार मंत्री | जर्मन चुनाव 2017 | DW | 15.11.2010
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जर्मन चुनाव

राजा की विदाई, कौन बनेगा संचार मंत्री

टेलीकॉम मंत्री ए राजा के इस्तीफे के बाद कयासबाजी तेज हो गई है कि संचार भवन में उनका स्थान कौन लेगा. यूपीए सरकार में टेलीकॉम मंत्री की दौड़ में कनीमोई, दयानिधि और इलनगोवन का नाम आगे. पीएम खुद भी संभाल सकते हैं जिम्मेदारी.

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डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की बेटी कनीमोई को टेलीकॉम मंत्री बनाए जाने के पक्ष में कई आवाजें उठ रही हैं. डीएमके से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कनीमोई करुणानिधि की बेटी होने के साथ साथ अंग्रेजी में पारंगत हैं. लेकिन कुछ नेता मानते हैं कि अपनी बेटी या परिवार के सदस्य को टेलीकॉम मंत्री बनाकर करुणानिधि आलोचना मोल नहीं लेना चाहेंगे कि अधिकतर मंत्री उनके परिवार से हैं.

करुणानिधि के बेटे एमके अलगिरी केमिकल और फर्टिलाइजर मंत्री हैं जबकि उनके भतीजे दयानिधि मारन टेक्सटाइल मंत्री हैं. मारन यूपीए के पहले कार्यकाल में 2004 से 2007 तक टेलीकॉम मंत्री रह चुके हैं और यूपीए-2 में भी उन्होंने इसे पाने के लिए काफी कोशिश की.

लेकिन करुणानिधि ने उनके बजाए ए राजा को चुना था. ऐसे में अब वह फिर से मारन को टेलीकॉम मंत्री बनवाएंगे, इसमें शक है. हालांकि कुछ नेता चाहते हैं कि मारन को टेलीकॉम मंत्री बनाकर टेक्सटाइल विभाग की जिम्मेदारी किसी और को सौंप दी जाए.

डीएमके सांसद टीकेएस इलनगोवन करुणानिधि के खास माने जाते हैं और पार्टी के लिए समर्पित हैं. 2009 लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा था और अब उनका नाम भी चर्चा में है. इलेनगोवन की अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ है और उन्होंने कनीमोई का समर्थन भी प्राप्त है. उनके खिलाफ एक ही बात जाती है और वह है कि उन्हें प्रशासनिक अनुभव नहीं है.

वित्त राज्य मंत्री पलानीमनीक्कम का नाम भी संभावितों में शामिल हैं. वह पहले भी दो बार केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और उनके समर्थकों का मानना है कि राजा का वह सही विकल्प साबित होंगे. डीएमके नेता टीआर बालू को सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मिला था और अब राजा की विदाई के बाद वह अपनी पकड़ बना चाहते हैं. लेकिन जहाजरानी और भूतल परिवहन मंत्री के रूप में उनके पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए संभावना कम ही दिखती है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: एमजी

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