राखी का इंसाफ और बिग बॉस को कोर्ट से राहत | जर्मन चुनाव 2017 | DW | 18.11.2010
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जर्मन चुनाव

राखी का इंसाफ और बिग बॉस को कोर्ट से राहत

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बिग बॉस और राखी सावंत के शो को राहत दे दी है. अदालत ने बिग बॉस और राखी का इंसाफ का समय बदलने के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देश पर रोक लगा दी है.

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राखी सावंत का शो एनडीटीवी इमेजिन पर और बिग बॉस कलर्स चैनल पर आता है. दरअसल इन कार्यक्रमों में किस और गाली गलौच वाली भाषा के चलते सवाल उठ रहे हैं. मंत्रालय की तरफ से दिए गए निर्देशों में बिग बॉस और राखी का इंसाफ को प्राइम टाइम की बजाय रात में 11 बजे के बाद और सुबह पांच बजे से पहले दिखाने को कहा गया. हालांकि अभी ये शो अपने निर्धारित समय पर ही दिखाए जा रहे हैं.

राखी का इंसाफ में यह आइटम गर्ल अपने बिंदास अंदाज में लोगों की परेशानियां हल करने का दावा करती है. राखी का इंसाफ पिछले दिनों उस वक्त विवादों में फंस गया जब उनमें हिस्सा लेने के बाद एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली. परिवार का कहना है कि राखी ने इस व्यक्ति को नामर्द कहा. इसके कारण घर परिवार और आसपास के लोगों में हुई बदनामी को वह झेल नहीं सका और अपनी जान दे दी.

इंडिया एक्सप्रेस के मुताबिक सूचना और प्रसारण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमने कार्यक्रम के निर्माताओं से अपने शो में बदलाव करने को नहीं कहा है, सिर्फ उनसे प्रसारण का वक्त बदलने को कहा है." टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय ने समाचार चैनलों से भी कहा है कि इन कार्यक्रमों के बारे में खबर देते वक्त उनका फुटेज इस्तेमाल न करें.

एक गृहिणी मीणा पटेल का कहना है, "रात नौ बजे के आसपास मेरे बच्चे टीवी देखते हैं, तो यह अच्छी बात नहीं है. बिग बॉस जैसे शो हमारी संस्कृति के लिए नहीं बने हैं. भारतीय मूल्य इनसे बिल्कुल अलग हैं." लेकिन उधर बॉलीवुड फिल्मकार फराह खान ने इस तरह की बातों को ढोंग बताया है. वह कहती हैं कि इस बात की जिम्मेदारी मां बाप को लेनी चाहिए कि उनके बच्चे क्या देख रहे हैं.

मार्च में ही मंत्रालय ने फ्रांस के फैशन टीवी पर नौ दिन के लिए प्रतिबंध लगाया क्योंकि उसके एक शो में मॉडलों को नंगे सीने के साथ दिखाया गया.

रिपोर्टः एजेंसियां/निर्मल

संपादनः ए कुमार

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