रस्सी पर पार किया नियाग्रा फॉल्स | लाइफस्टाइल | DW | 16.06.2012
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लाइफस्टाइल

रस्सी पर पार किया नियाग्रा फॉल्स

हजारों दर्शकों की तालियों के बीच अमेरिका के निक वालेंदा ने नियाग्रा फॉल रस्सी पर पार किया. इसी के साथ उन्होंने अपने बचपन का सपना भी पूरा कर लिया.

इस साहसी करतब को देखने के लिए अमेरिका और कनाडा के निवासी सीमा के दोनों ओर इकट्ठा हो गए और देखा कि कैसे तेज हवाओं और तूफानी नियाग्रा फॉल्स से आती पानी की बौछारों के बीच निक ने दो इंच चौड़ी रस्सी पर चलते हुए ये जल प्रपात पार किया. 200 फीट यानी साठ मीटर की दूरी उन्होंने इस रस्सी पर तय की. नियाग्रा जल प्रपात उत्तरी अमेरिका का सबसे बड़ा जल प्रपात है.

एक छोटी सी प्रार्थना के बाद वैलेंडा रस्सी पर चढ़े और न्यूयॉर्क से कनाडा रवाना हुए. इस दौरान संतुलन बनाने के लिए उनके हाथ में एक डंडा था. रोंगटे खड़े करने वाला यह करतब 25 मिनट चला. हालांकि उम्मीद की जा रही थी कि नियाग्रा प्रपात पार करने में कम से कम 35-40 मिनट लगेंगे.

अमेरिकी नेटवर्क एबीसी पर पूरा इवेंट लाइव दिखाया गया. वैलेंडा ने वॉटरप्रूफ कपड़े पहन रखे थे और अपनी मां की डिजाइन की हुई खास चप्पलें पहनी थीं. कलाबाज निक ने कान में एक इयरफोन लगा रखा था, जिसके जरिए वह अपने पिता से बात कर रहे थे.

रस्सी पर चढ़ते ही वेलैंडा ने कहा, "हे भगवान यह शानदार है. सिर्फ मानसिक रूप से ही नहीं, शारीरिक तौर पर भी यह चुनौती है. हवा से लड़ना कोई आसान काम नहीं. मेरे हाथ सुन्न पड़ रहे हैं." पिता ने उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा, "तुम अच्छा कर रहे हो, आराम से चलो." जैसे ही वैलेंडा उस पार पहुंचे, लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई.

चलने के दौरान उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा गया था कि अगर कभी वह स्लिप हो जाएं तो फिर रस्सी पर चढ़ सकें. कनाडा में पहुंचते ही वैलेंडा ने अपनी दादी से बात की.

सामान्य तौर पर नियाग्रा को इस तरह से पार करने की अनुमति नहीं है लेकिन वैलेंडा को इसकी अनुमति दी गई क्योंकि वह कलाबाज हैं और लंबे समय से सर्कस में काम करते रहे हैं. 19वीं सदी में 14 लोगों ने इस तरह का करतब करने की कोशिश की जिनमें से कुछ ही सफल हो सके. इसके बाद इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया. हालांकि जिन लोगों ने इसे पार किया था उन्होंने प्रपात के शांत हिस्से में यह कोशिश की थी. लेकिन जहां से वेलैंडा गए वह हिस्सा बहुत तूफानी है.

करतब करने के बाद वैलेंडा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "बीच में बहुत ही बुरा था, तब मैंने सोचा कि यहां हवा बहुत तेज है. हर मिनट, हर कदम कीमती था. मैंने हर मिनट का मजा लिया."

वैलेंडा ने कहा कि वह ग्रैंड कैनियन पार करना चाहते हैं जो नियाग्रा से तीन गुना ज्यादा बड़ा है. उन्होंने कहा कि उन्हें अनुमति मिल गई है, "अगले तीन से पांच साल में मैं यह कर लूंगा."

अपने करतब को वैलेंडा के तीनों बच्चों ने भी देखा. उनका यह करतब वैलेंडा परिवार के गौरव में जुड़ गया है. वह पहले भी बड़ी ऊंचाइयों से इस तरह के करतब करते रहे हैं.

1978 में वह और मशहूर हो गए जब उन पर एक टीवी फिल्म द ग्रेट वैलेंडास बनी.

एएम/आईबी (एएफपी)

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