रस्सी पर चलकर करेंगे नियाग्रा को पार | लाइफस्टाइल | DW | 16.02.2012
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लाइफस्टाइल

रस्सी पर चलकर करेंगे नियाग्रा को पार

निक वॉलेंडा ने अमेरिका में नियाग्रा फॉल्स को एक रस्सी पर पार किया है. नियाग्रा पार्क के आयोग ने इस स्टंट की पुष्टि की है और कहा है कि इससे नायगरा फॉल्स के प्रचार में मदद मिलेगी.

अमेरिका और कनाडा के सरहद पर नियाग्रा फॉल्स तीन झरनों का समूह है. अमेरिकी हिस्से में अमेरिकन फॉल्स, ब्राइडल वेल फॉल्स और कनाडाई हिस्से में हॉर्सशू फॉल्स के जरिए एरी झील अपना पानी ओंटारियो झील में गिराती है. यह झरने बहुत विशाल हैं और इतनी ऊंचाई से गिरते हैं कि इन्हें पार करना किसी भी आम आदमी की सोच से बाहर है.

इससे पहले 1896 में पहली बार जेम्स हार्डी ने रस्सी पर चलकर नियाग्रा पार किया था. 33 साल के वॉलेंडा एक सर्कस परिवार से हैं. फ्लाइंग वॉलेंडास नाम का उनका सर्कस ग्रुप सर्कस के छत पर रस्सियों से कूदकर करतब दिखाता है और उन्हें अपनी सरक्षा के लिए जालियों की भी जरूरत नहीं पड़ती. वॉलेंडा खुद दो साल की उम्र से रस्सियों पर चलते आ रहे हैं. उनका कहना है कि वह एक दो इंच चौड़ी रस्सी पर चलेंगे. रस्सी की लंबाई 450 मीटर होगी और इसकी एक छोर को कनाडाई सरहद पर और दूसरे को अमेरिकी हिस्से में बांधा जाएगा. वॉलेंडा का 45 मिनट का करतब 2012 में गर्मी के महीनों के लिए तय किया गया है.

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इसी वजह से कनाडा के आयोग ने निक वॉलेंडा को रस्सी पर चलकर नायगरा पार करने से मना कर दिया था. दिसंबर में आयोग को लगा कि अगर वॉलेंडा अपनी करतब में सफल होते हैं, तो इससे इलाके में और पर्यटक आएंगे और उन्हें आर्थिक तौर पर भी मदद मिलेगी. न्यू यॉर्क राज्य और नियाग्रा फॉल्स के मेयर ने पहले ही वॉलेंडा को मंजूरी दे दी थी.

कनाडाई आयोग की मंजूरी के बारे में नायगरा पार्क आयोग की जैनिस थॉंपसन ने कहा, "स्टंटों से नियाग्रा के इतिहास को बहुत फायदा हुआ है और यह देखते हुए इस करतब को मंजूरी दी गई है."

रिपोर्टः एएफपी, रॉयटर्स/एमजी

संपादनः ए जमाल

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