यूरो संकट पर मैर्केल को ओबामा का साथ | दुनिया | DW | 20.05.2012
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दुनिया

यूरो संकट पर मैर्केल को ओबामा का साथ

अमेरिका और जर्मनी में इस बात पर सहमति बन गई है कि यूरो मुद्रा वाले राष्ट्रों में संकट के बावजूद इसे बनाए रखने की कोशिश होगी. जी8 की बैठक के हाशिए पर जर्मन चांसलर मैर्केल ने अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा से अलग से बात की.

अमेरिका के कैंप डेविड में हुई जी8 शिखर बैठक में ग्रीस को कहा गया कि वह यूरो मुद्रा को बनाए रखे और यूरोपीय देशों से ग्रीस की मदद की अपील की गई. ग्रीस के वित्तीय संकट की वजह से यूरो मुद्रा इस्तेमाल करने वाले देशों में मतभेद पैदा हो गया है और कुछ मुल्कों का मानना है कि ग्रीस को यूरो मुद्रा क्षेत्र से बाहर करके इससे निजात पाई जा सकती है. हालांकि जर्मनी ऐसे कदम के खिलाफ है.

हालांकि जी8 की बैठक के समय अमेरिकी पक्ष ने यूरोपीय देशों से कहा था कि उन्हें विकास की ओर ध्यान देना होगा, जबकि जर्मन चांसलर हमेशा से यूरोप की वित्तीय घाटे से निपटने के लिए बचत योजना पर जोर देती आई हैं. पर बाद में ओबामा और मैर्केल के बीच अलग से बात हुई. इसके बाद व्हाइट हाउस के अधिकारी ने बताया कि दोनों नेता एक साथ खड़े हैं.

व्हाइट हाउस में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बेन रोड्स ने कहा, "इस बात को लेकर जरूर चिंता है कि कौन से कदम उठाए जाएं, ताकि यूरो मुद्रा वाले देशों में विकास को सुनिश्चित किया जा सके. लेकिन साथ ही जर्मन चांसलर मैर्केल जिस योजना की बात करती आई हैं, उस पर भी ध्यान देना जरूरी है." उन्होंने कहा कि नेताओं ने यूरोजोन में न सिर्फ ढांचागत बदलाव की बात कही, बल्कि ऐसे उपायों की भी चर्चा की, जिससे विकास को बढ़ाने और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया जा सके.

मैर्केल और ओबामा इसके बाद अमेरिकी शहर शिकागो के लिए निकल गए. वहां नाटो देशों की अहम बैठक हो रही है, जिसमें अफगानिस्तान युद्ध पर चर्चा होगी. अमेरिकी राष्ट्रपति को इस साल चुनावों का सामना करना है और उनके एजेंडे में अफगानिस्तान युद्ध बहुत ऊपर है.

जी8 की बैठक में यूरोजोन को लेकर अलग अलग देशों का नजरिया अलग अलग रहा लेकिन सबकी यही राय रही कि ग्रीस को यूरो मुद्रा वाले देशों में बने रहना चाहिए. ओबामा ने कहा कि विकास और रोजगार जी8 मुल्कों की मुख्य प्राथमिकताएं हैं. अमेरिका और जर्मनी के अलावा दुनिया के सबसे अमीर देशों के संगठन जी8 में ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, जापान, इटली और कनाडा शामिल हैं.

संगठन के प्रमुख सदस्य फ्रांस में चुनाव के बाद सोशलिस्ट फ्रांसोआ ओलांद की जीत हुई है, जो विकास की बात कर रहे हैं. फ्रांस के रुख में अचानक आए बदलाव के बाद ही ग्रीस का संकट और गहरा गया है.

एजेए/एएम (एएफपी, एपी, रॉयटर्स)

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