यूरोप में अपनी सेना घटाएगा अमेरिका | दुनिया | DW | 11.01.2015
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दुनिया

यूरोप में अपनी सेना घटाएगा अमेरिका

अमेरिका ने यूरोप में तैनात अपने सैनिकों की संख्या को घटाने का फैसला किया है. यह फैसला यूरोप में आधारभूत सैन्य सुविधाओं पर दो साल तक की गई समीक्षा के आधार पर लिया गया. इस बचत से यूक्रेन जैसे देशों को मदद दी जा सकेगी.

अधिकारियों के मुताबिक 15 सैन्य ठिकानों से सैनिकों की वापसी से सालाना 50 करोड़ डॉलर की बचत हो सकेगी. अमेरिका इस बचत का इस्तेमाल अपने नए सहयोगियों यूक्रेन, जॉर्जिया और मोलडोवा को सहायता देने में करना चाहता है. इस परिवर्तन के साथ मध्य और पूर्वी यूरोप में सैनिकों की रोटेशन पर तैनाती की जा सकेगी. रक्षा विभाग के ऊर्जा, अधिष्ठापन और पर्यावरण विभाग के उपसचिव डेरेक शॉलेट के मुताबिक सैनिकों की तैनाती में परिवर्तन मुख्य रूप से जर्मनी, ब्रिटेन, इटली और पुर्तगाल में दिखाई देंगे.

बचत का इस्तेमाल

समीक्षा समिति की अध्यक्षता करने वाले शॉलेट और जॉन कोंगर के मुताबिक सैन्य टुकड़ियों को घटाने से अमेरिका के यूरोपीय मित्रों के साथ संबंधों पर असर नहीं पड़ेगा. शॉलेट ने कहा. "हम जो रकम बचाएंगे उससे भविष्य में भी मजबूत सैन्य उपस्थिति बनाए रखने में मदद मिलेगी." शॉलेट ने कहा कि पिछले एक साल में हालात बहुत बदल गए हैं. रूस के यूक्रेन में दखल के चलते समीक्षा प्रक्रिया को तेज करना पड़ा. अधिकारियों ने मध्य और पूर्वी यूरोप में बढ़ाई जाने वाली किसी खास सहूलियत का जिक्र नहीं किया.

1200 सैन्य सहयोग पदों को खत्म किया जाएगा और 6000 अमेरिकी सैनिकों को स्थानांतरित किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक स्थानांतरण से करीब 1500 स्थानीय कर्मचारी भी प्रभावित हो सकते हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हेगल ने माना कि कुछ स्थानीय कर्मचारियों की संख्या घट जाएगी. उन्होंने कहा उनका दशकों लंबा सहयोग अहम है. उन्होंने कहा, "आखिरकार आधारभूत ढांचे में इस तरह के परिवर्तन से यूरोप में हमारी सैन्य क्षमता बढ़ेगी और अहम यूरोपीय भागीदारी को मजबूती मिलेगी."

कहां होंगे परिवर्तन

इन परिवर्तनों का सबसे ज्यादा असर ब्रिटेन पर होगा. मिल्डेनहॉल, एल्कनबरी और मोल्सवर्थ सैन्य ठिकानों से सैनिकों को हटा लिया जाएगा. जबकि लेकेनहीथ हवाई ठिकाने पर अमेरिका बहुप्रतीक्षित एफ35 ज्वाइंट स्ट्राइक फाइटर जेट के अपने पहले दो दस्ते 2018 से 2021 के बीच स्थायी रूप से तैनात करेगा. लेकेनहीथ के फैसले के चलते एफ35 के लिए अमेरिका को 1200 जवान लाने होंगे.

परिवर्तनों के अंतर्गत जर्मनी में 2000 अमेरिकी जवानों को राम्श्टाइन एयरबेस को दोबारा दे दिया जाएगा. जर्मनी में बंद हो रहे ठिकानों में सैनिकों के बच्चों के लिए एक स्कूल, एक गोदाम, वीसबाडेन का अमेलिया एरहार्ट होटल, कई आधिकारिक कार्यालय और कई डाकखाने शामिल हैं. जर्मनी में श्पांग्डालेम एयर बेस से वायु नियंत्रण दस्ते को इटली में स्थानांतरित करने के बाद वहां 200 सैन्य पद बढ़ाए जाएंगे. नए एफ35 के रखरखाव का जिम्मा भी इटली पर होगा. पुर्तगाल के लाजिश से करीब 500 सैनिक और असैनिक अमला हटाया जाएगा. बेल्जियम और नीदरलैंड्स में भी सैन्य तैनाती में फेरबदल होंगे.

एसएफ/एमजे (डीपीए)

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