यूरोप का पहला 3डी पेन | विज्ञान | DW | 08.11.2013
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विज्ञान

यूरोप का पहला 3डी पेन

दुनिया भर में अभी 3डी प्रिंटिंग की चर्चा है. नया आविष्कार, नई तकनीक. और इस सीरीज में अब बारी है 3डी पेन की. और ऐसा पहला पेन आ सकता है यूरोप से.

कई दिनों तक लोग हैरान होते रहे कि 3डी प्रिंटर से क्या क्या नहीं बनाया जा सकता. कुछ लोगों ने इस पर नजर रखने की मांग की क्योंकि टेक्सास के एक आदमी ने 3डी प्रिंटर से हैंडगन बना ली. 3डी प्रिंटिंग का एक इलाका अभी भी ऐसा है, जो अभी भी शुरुआती दौर में ही है और वो है 3डी पेन.

ये ऐसे पेन हैं जो किसी सतह पर या फिर हवा में ही लिख सकते हैं. पेन में इंक की जगह होगा पिघला हुआ प्लास्टिक.

हवा में लिखाई

इस 3डी पेन को बनाने वाले चेक गणराज्य के छात्र डेविड पासकेविच कहते हैं, "अगर आप मजे लेना चाहते हैं और एक मॉडल खुशी के लिए या आनंद के लिए बनाना चाहते हैं, तो 3डी सिमो इसी के लिए है. सीमा सिर्फ आपकी कल्पना है."

हालांकि थोड़ी कलाकारी की भी जरूरत होती है, नहीं तो बनाने चले सेब और बन गया अंगूर. इस पेन का नाम है 3डी सिमो और यह इकलौता 3डी पेन है.

कैसे काम करता है

पेन का आकार और वजन किसी छोटे हाथ के पंखे जितना है. 3डी सिमो में जो इस्तेमाल किया जाता है, उसे देख कर लगता है कि स्पैगेटी के रंगीन टुकड़े हों. यह तरल स्याही में तब्दील हो जाता है, जैसे ही यह हवा के संपर्क में आता है, सूख जाता है. इससे प्लास्टिक मॉडल तैयार किए जा सकते हैं. आप चाहें तो डिजाइन किसी सतह पर बनाएं या फिर हवा में.

शुरुआती दौर में

डेविड पासकेविच ने बताया कि फिलहाल तीन 3डी पेन अस्तित्व में हैं. दुनिया का पहला 3डी पेन 3डूडलर है, जिसे बोस्टन में विकसित किया गया है. चीन में एक स्पिनऑफ बनाया गया था और अब 3डी सिमो. यह अब तक का बेहतरीन पेन है. पासकेविच कहते हैं, "हमारे पेन का बड़ा फायदा यह है कि हवा में पोलीलैक्टिक ऐसिड जैसे ऑर्गेनिक प्लास्टिक और एबीएस जैसे थर्मोप्लास्टिक का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. दूसरे 3डी पेन सिर्फ एबीएस प्लास्टिक से चलते हैं, क्योंकि वो तय तापमान और गति पर काम करते हैं. हमारे पेन के साथ आप शून्य से 260 डिग्री के तापमान तक कहीं भी काम कर सकते हैं. यह महत्वपूर्ण है क्योंकि हर प्लास्टिक अलग अलग तापमान पर पिघलता है."

पेन व्यावसायिक तौर पर उपलब्ध नहीं है, इसलिए तकनीक नई है. अमेरिकी 3डूडलर क्राउडफंडिंग साइट किकस्टार्टर पर बेचा जा रहा है. जबकि 3डी सिमो छोटे आकार में इंडिगोगो पर मौजूद हैं. हर मामले में चार महीने का इंतजार करना होगा, क्रिसमस तक ये दुकान में नहीं आएगा. प्राग के हाई टेक नेशनल टेक्निकल लाइब्रेरी में पासकेविच कई मॉडल दिखाते हैं. इसमें चश्मा, छोटा पेड़, डायनोसोर, एक पिल्ला, और एफिल टॉवर शामिल हैं. पास्केविच कहते हैं कि ये सब उन्होंने हाथ से बनाए हैं.

इस खोज का सबसे रोचक हिस्सा यह है कि 3डी सिमो का पेंटेंट नहीं है. क्योंकि पेटेंट से इसका विकास नहीं हो पाएगा. अभी यह व्यावसायिक तौर पर नहीं आया है और नए कलाकारों और बच्चों का खिलौना लगता है.

आने वाले दिनों में जब स्याही थोड़ी स्थिर हो जाएगी और तकनीक बेहतर तो हो सकता है कि कंपनी में प्रेजेंटेशन के दौरान इंजीनियर कार का डिजाइन इस पेन से बना दें या आर्किटेक्ट नए घर का मॉडल.

रिपोर्टः रॉब कैमरन/आभा मोंढे

संपादनः एन रंजन

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