यूरोपीय आयोग की पहली महिला अध्यक्ष बनने की राह पर उर्सुला फॉन डेय लाएन | दुनिया | DW | 16.07.2019
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

दुनिया

यूरोपीय आयोग की पहली महिला अध्यक्ष बनने की राह पर उर्सुला फॉन डेय लाएन

जर्मनी की उर्सुला फॉन डेय लाएन को यूरोपीय आयोग का अध्यक्ष बनने के लिए यूरोपीय संसद में 747 में से 374 वोट चाहिए. यदि वे कामयाब रहती हैं तो इस पद पर काबिज होने वाली पहली महिला होंगी.

जर्मनी की निवर्तमान रक्षा मंत्री उर्सुला फॉन डेय लाएन गुप्त मतदान में सफल होने के लिए पर्याप्त संसद सदस्यों को अपनी ओर करने की कोशिश कर रही हैं. फॉन डेय लाएन जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल की कंजरवेटिव सीडीयू पार्टी की सदस्य हैं. यूरोपीय संसद में कंजरवेटिव पार्टियों के समूह को अकेले बहुमत नहीं है. फॉन डेय लाएन ने जरूरी समर्थन हासिल करने के लिए यूरोपीय सांसदो से वादा किया है कि वह अगले पांच वर्षों में जलवायु और सामाजिक मुद्दों को अपने कार्यक्रम के केंद्र में रखेगी. अगर यूरोपीय संसद उनकी नियुक्ति पर मुहर लगा देती है, तो यह पहला मौका होगा जब कोई महिला इस पद को संभालेंगी.

इस समय जाँ क्लोद युंकर यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष हैं. इस साल अक्टूबर के अंत में उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है. ऐसे में पिछले महीने आयोग के नए अध्यक्ष की तलाश तेज हो गई थी. आयोग के प्रमुख के नाम का प्रस्ताव यूरोपीय संघ के राज्य और सरकार प्रमुखों की परिषद करती है, लेकिन उसका संसद में अनुमोदन जरूरी है. यूरोपीय संसद के चुनावों में सफल प्रमुख उम्मीदवारों के नामों पर सहमति न हो पाने की वजह से यूरोपीय नेताओं ने अंतिम समय पर फॉन डेय लाएन को उम्मीदवार बनाने पर सहमति जताई. यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष के अलावा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष पद के लिए चार्ल्स मिशेल को नामांकित किया गया है जो अभी बेल्जियम के प्रधानमंत्री हैं.

यूरोपीय संसद में इस बात पर नाराजगी है कि राज्य व सरकार प्रमुखों की यूरोपीय परिषद ने संसद की पार्टियों के नेता में से किसी को नामांकित नहीं किया है. यूरोपीय नेताओं को न तो कंजरवेटिव पार्टी समूह के मानफ्रेड वेबर स्वाकार्य थे और न ही सोशल डेमोक्रैटिक नेता फ्रांस टिम्मरमन. सोशल डेमोक्रैटिक सांसद फॉन डेय लाएन को वोट देने पर बंटे हुए हैं. यदि संसद फॉन डेय लाएन की उम्मीदवारी को खारिज कर देती है, तो राजनीतिक नियुक्तियों का पूरा काम प्रभावित हो सकता है. यूरोपीय संघ संवैधानिक संकट में घिर सकता है.

फॉन डेय लाएन कैंप के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि वोट रोचक परिस्तिथियों में होगा, लेकिन वे कामयाब रहेंगी. उन्हें ईपीपी क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स, एसएंडडी समाजवादियों और आरई उदारवादियों के वोट से बहुमत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, ग्रीन पार्टी और जर्मन सोशल डेमोक्रैट्स ने कहा है कि वे उन्हें अस्वीकार कर देंगे. सोशल डेमोक्रेट यूरोपीय सांसद कातरीना बार्ली ने कहा, "यह व्यक्तिगत मुद्दे से कहीं ज्यादा है. चुनाव अभियान के दौरान हमने ईयू को पहले से ज्यादा लोकतांत्रिक बनाने की बात कही है. हमें लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि परिषद को सीधे तौर पर दक्षिणपंथी लोकलुभावन लोगों की तालियों के साथ कूड़ेदान में न फेंके."

उर्सुला फॉन डेय लाएन ईयू आयोग के अध्यक्ष पद पर काबिज होने वाली पहली महिला होंगी. यह एक ऐतिहासिक अवसर होगा. उन्होंने संसद में दिए अपने भाषण में कहा कि आखिरकार एक महिला यूरोपीय आयोग की उम्मीदवार है. वे बोली, "मैं चाहती हूं कि यूरोप 2050 तक दुनिया का पहला जलवायु-तटस्थ महाद्वीप बन जाए. मैं अपने कार्यालय के पहले 100 दिनों में "यूरोप के लिए एक ग्रीन डील" करूंगी. इसमें बड़े पैमाने पर निवेश की जरूरत होगी. धन मुख्य रूप से पूर्वी यूरोप में, जहां अभी भी कई देश प्रदूषणकारी जीवाश्म ईंधन पर निर्भर हैं, उनके लिए उपलब्ध होगा." इस बयान के साथ वे ईयू के पूर्वी देशों के सांसदों को लुभाने का प्रयास कर रही थीं. उनकी मदद मिली तो जीत पक्की होगी. लेकिन गुप्त मतदान में कौन वोट देगा और कौन नहीं, कहना मुश्किल होगा.

आरआर/एमजे (एपी)

_______________

हमसे जुड़ें: WhatsApp | Facebook | Twitter | YouTube | GooglePlay | AppStore

कौन हैं उर्सुला फॉन डेय लाएन

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन