यूट्यूब ने 40 साल से लापता बुजुर्ग को परिवार से मिलाया | दुनिया | DW | 19.04.2018
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दुनिया

यूट्यूब ने 40 साल से लापता बुजुर्ग को परिवार से मिलाया

चालीस साल से लापता एक व्यक्ति यूट्यूब की वजह से अपने परिवार से मिल गया. यह मिलन इस व्यक्ति के गाए एक फिल्मी गीत की वजह से हो पाया, जिसका वीडियो यूट्यूब पर वायरल हो गया.

खोमद्राम गंभीर सिंह की उम्र 26 साल थी जब उन्होंने 1978 में इम्फाल में अपना घर छोड़ा था. उसके बाद वह कभी नहीं लौटे. चालीस साल तक परिवार को उनके बारे में कुछ नहीं पता चला. लेकिन फिर उनके परिवार को यूट्यूब पर एक वीडियो मिली जिसमें एक बुजुर्ग मुंबई की सड़कों पर एक बॉलीवुड का गाना गा रहा था.

वीडियो में गाना गाने वाला व्यक्ति खुद को खोद्राम सिंह बता रहा है और उसके मुताबिक वह मणिपुर का है. वीडियो को देखने के बाद एक व्यक्ति ने इम्फाल में खोमद्राम के परिवार को इसके बारे में बताया. वीडियो देखते ही परिवार ने पहचान लिया कि वह लापता खोमद्राम गंभीर सिंह हैं. परिवार ने इस बारे में पुलिस को जानकारी दी जिसने बाद में मुंबई पुलिस से बात की. मुंबई पुलिस ने पता लगाया कि खोमद्राम मुंबई के उपनगरीय इलाके बांद्रा में रह रहे हैं.

यह वीडियो फिरोज शाकिर नाम के एक व्यक्ति ने पिछले साल शूट किया और यूट्यूब पर डाला था. वह खोमद्राम के बारे में कहते हैं, "वह हिंदी फिल्मी गाने गाकर लोगों से भीख मांग रहे थे." शाकिर एक स्ट्रीट फोटोग्राफर हैं. उनका कहना है कि अब खोमद्राम गंभीर की उम्र 66 साल हो चुकी है. वह मजदूरी कर अपना पेट पालते थे लेकिन फिर उनके कई एक्सीडेंट हुए और इस बीच उन्हें पीने की लत भी लग गई. शाकिर उन्हें अकसर देखते थे. फिर एक दिन उन्होंने खोमद्राम के गाने का वीडियो बनाने की सोची. इस वीडियो को यूट्यूब पर 55 हजार बार देखा गया और इसकी मदद से खोमद्राम अपने परिवार से मिल सके. शाकिर कहते हैं, "यह बस अचानक ही हुआ. लेकिन मुझे उम्मीद है कि इस वीडियो ने लोगों को दिलों को छुआ."

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक खोमद्राम पहले सेना में थे. उनकी शादी हुई लेकिन ज्यादा नहीं चल पाई. इसके बाद उन्होंने घर छोड़ दिया. शाकिर कहते हैं, "यह कहानी उम्मीद की रोशनी है. अगर कोई वीडियो किसी व्यक्ति की जिंदगी को बदल सकता है तो इससे बड़ी बात नहीं हो सकती है."

एके/एमजे (एएफपी)

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