यहां बच्चों को यूट्यूब से ज्यादा किताबें प्यारी | दुनिया | DW | 09.08.2017
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दुनिया

यहां बच्चों को यूट्यूब से ज्यादा किताबें प्यारी

जर्मनी में अधिकतर बच्चे हफ्ते में कई बार किताबें पढ़ते हैं. बच्चों में अब भी मैग्जीन्स बहुत लोकप्रिय हैं. मनोरंजन के लिए सिर्फ एक तिहाई बच्चे हैं जो यूट्यूब देखते हैं.

जर्मनी, वह देश जहां सबसे पहले प्रिंटिंग प्रेस शुरू हुई. इंटरनेट पर लोगों की बढ़ती संख्या के बावजूद यहां उम्मीद दिख रही है कि किताबों का भविष्य चमकदार है.

हाल ही में प्रकाशित हुए एक नए अध्ययन के मुताबिक जर्मनी में 6 से 13 साल के 61 प्रतिशत बच्चे नियमित रूप से किताबें पढ़ते हैं. इनमें 55 प्रतिशत बच्चे वे हैं जो सप्ताह में कई बार बच्चों की मैग्जीन या कॉमिक बुक पढ़ना पसंद करते हैं.

यह अध्ययन 6 प्रकाशनों ने साथ में किया है, जिसमें 1,700 से ज्यादा बच्चों और उनके माता पिताओं का इंटरव्यू लिया गया है.

62 प्रतिशत बच्चों ने कहा कि वे इंटरनेट और कई ऐप्स का इस्तेमाल कर चुके हैं. 6 से 13 साल की उम्र के सिर्फ तीन में से एक बच्चे (34 प्रतिशत) ने कहा कि वे नियमित रूप से यूट्यूब देखते हैं. उससे भी कम, 28 प्रतिशत बच्चों ने कहा कि वे वीडियो गेम्स खेलते हैं.

जब बच्चों के आकर्षण की बात आई तो सिर्फ टीवी ने किताबों को पीछे किया. चार से पांच साल तक के 93 प्रतिशत बच्चे सप्ताह में कई बार टेलीविजन देखते हैं, जबकि 10 से 13 साल के 97 प्रतिशत बच्चे यूट्यूब देखते हैं.

कोई हैरानी की बात नहीं कि डीवीडी और ब्लू रे ने जर्मन बच्चों की जिंदगियों में कोई खास जगह नहीं बनाई है. 6 से 13 साल के सिर्फ 15 प्रतिशत बच्चे ही हैं जो उन्हें इस्तेमाल कर रहे हैं.

सेल फोन्स की चाहत

बच्चों को किताबें पसंद आ रही हैं इसका ये मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि वे डिजिटल की दुनिया से दूर हैं. इस स्टडी में शामिल 6 से 9 साल के 37 प्रतिशत बच्चों के पास अपने मोबाइल फोन हैं. यह आंकड़ा 10 से 13 साल के बच्चों के बीच 84 प्रतिशत का है.

बड़े बच्चों में वॉट्सऐप सबसे ज्यादा लोकप्रिय है. सिर्फ 61 प्रतिशत बच्चे बातचीत के लिए टेक्स्ट मैसेज का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं 68 प्रतिशत बच्चे वॉट्सऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं. 10 से 13 साल की उम्र के बच्चों में सिर्फ चार में से एक यानि 29 प्रतिशत बच्चे ही फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं.

एसएस/ओएसजे (एएफपी) 

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