मैर्केल की करीबी कारेनबावर नहीं होंगी चांसलर पद की उम्मीदवार | दुनिया | DW | 10.02.2020
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दुनिया

मैर्केल की करीबी कारेनबावर नहीं होंगी चांसलर पद की उम्मीदवार

अब तक सबको लगता था कि मैर्केल के बाद जर्मनी की अगली चांसलर कारेनबावर ही होंगी. लेकिन अचानक ही सब बदल गया. सीडीयू प्रमुख आनेग्रेट क्रांप कारेनबावर चांसलर मैर्केल के बाद जर्मनी के चांसलर पद की उम्मीदवार नहीं रहीं.

चांसलर अंगेला मैर्केल की सीडीयू पार्टी की प्रमुख और जर्मनी की रक्षा मंत्री आनेग्रेट क्रांप कारेनबावर अब उनके बाद चांसलर पद की उम्मीदवार नहीं होंगी. हाल ही में सीडीयू पार्टी को एक जर्मन राज्य थुरिंजिया में जिस तरह के आरोपों का सामना करना पड़ा है, उसे देखते हुए आगामी चुनाव के लिए पार्टी ने ऐसा फैसला लिया है. फिलहाल यह खबर सीडीयू के सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी एएफपी ने छापी है.

पार्टी के भीतर ऐसी स्थिति तब बनी जब हाल ही में थुरिंजिया के गवर्नर पद के लिए व्यापार समर्थक एफडीपी पार्टी के सदस्य का समर्थन ना केवल धुर दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी ने बल्कि मैर्केल की सीडीयू ने भी कर दिया था. एक ही उम्मीदवार के पक्ष में वोट देने के कारण सीडीयू और एएफडी एक ही पाले में खड़े नजर आ रहे थे. इसके कारण दोनों ही पार्टियों की आलोचना हुई. जर्मन राजनीति में मुख्यधारा की किसी भी प्रमुख पार्टी का धुर दक्षिणपंथी पार्टियों को समर्थन देना एक वर्जित और विवादास्पद विषय रहा है.

वीडियो देखें 02:19

मैर्केल की उत्तराधिकारी 'एकेके' के हाथों से कैसे फिसला मौका

57 साल की कारेनबावर को एकेके के छोटे नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने दिसंबर 2018 में मैर्केल से सीडीयू प्रमुख की कुर्सी संभाली थी. सीडीयू यानि क्रिस्चियन डेमोक्रैटिक यूनियन ने कहा है कि जल्द ही नए उम्मीदवार की खोज शुरु की जाएगी. अगले कुछ महीनों में एकेके को अपनी जगह एक ऐसा नेता चुनना है जो पार्टी का प्रमुख और चांसलर पद का नया उम्मीदवार होगा. चांसलर मैर्केल एकेके को रक्षा मंत्री के पद पर बनाए रखना चाहती हैं. जुलाई 2019 में ही एकेके ने यह पद संभाला था.

जर्मनी में अगले आम चुनाव 2021 में होने हैं लेकिन हो सकता है कि उसके पहले ही सीडीयू-सीएसयू और एसपीडी के महागठबंधन वाली सरकार तब तक ऐसे ही ना चलती रहे. थुरिंजिया में हुई घटना को खुद मैर्केल "अक्षम्य" और उसके नतीजों को "पलटना जरूरी" बता चुकी हैं. जानकारों का मानना है कि पार्टी के भीतर चांसलर पद के लिए पहले से ही एकेके के प्रतिद्वंद्वी रहे फ्रीडरिष मेर्त्स और येन्स श्पान के नामों पर चर्चा हो सकती है. कारोबारी मेर्त्स ब्लैकरॉक के एसेट मैनेजमेंट का काम छोड़ कर राजनीति पर ध्यान लगा रहे हैं. वहीं श्पान देश के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में सरकार में हैं और कोरोना वायरस संक्रमण की आपदा के बीच एक बेहद सक्रिय भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं. 

आरपी/आईबी (एएफपी, रॉयटर्स)

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