मैंने कुछ ग़लत नहीं कियाःथरूर | जर्मन चुनाव 2017 | DW | 24.04.2010
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

जर्मन चुनाव

मैंने कुछ ग़लत नहीं कियाःथरूर

शशि थरूर ने अपने समर्थकों से कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है. शनिवार को आईपीएल विवाद की ओर संकेत करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपना पद केवल अपने चुनाव क्षेत्र और राज्य के फ़ायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे थे.

थरूरः विवाद में फंसे

थरूरः विवाद में फंसे

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए थरूर ने कहा, "मैंने कुछ गलत नहीं किया है और मेरे खिलाफ आरोपों का कोई भी विश्वास नहीं करेगा." आईपीएल विवाद के बाद थरूर पहली बार अपने चुनाव क्षेत्र तिरुवनंतपुरम का दौरा कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ""मैंने अपना पद और अपना निजी प्रभाव का केवल तिरुवनंतपुरम और केरल के लोगों के फ़ायदे के लिए

Buchautor Shashi Tharoor

संसद में तिरुवनंतपुरम के प्रतिनिधि

प्रयोग किया है." पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करने के बाद थरूर कोच्ची के लिए रवाना हो रहे हैं जहां वह युनाइटेड डेमॉक्रेटिक फोर्सेस यूडीएफ गठबंधन के एक उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे.

हवाई अड्डे पर थरूर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थरूर का ज़ोरदार स्वागत किया. वहीं वामपंथी सीपीआई पार्टी की युवा शाखा, एआईवाईएफ़ के कार्यकर्ता एयरपोर्ट के बाहर काले झंडे लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. कुछ लोग वहां क्रिकेट के बल्ले लेकर भी पहुंचे थे. उन्होंने थरूर से लोक सभा में सांसद पद को छोड़ने की मांग की. पुलिस ने इस बीच प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया है और हवाई अड्डे पर सुरक्षा कड़ी कर दी है.

आईपीएल प्रमुख ललित मोदी ने नेट्वर्किंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा था कि थरूर की मित्र सुनंदा पुष्कर ने रॉन्देवू स्पोर्ट्स में 70 करोड़ रुपयों की हिस्सेदारी ली थी. रॉन्देवू कोच्ची के आईपीएल टीम का मालिक है.

इसके बाद थरूर पर विपक्ष ने आरोप लगाए कि उन्होंने आर्थिक लाभ के लिए अपने पद का इस्तेमाल किया है. विवाद के बाद थरूर ने विदेश राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया हालांकि उन्होंने और सुनंदा पुष्कर ने अपने पर लगे इल्ज़ामों को खारिज किया है.

पिछले साल भारत के संसद चुनावों में थरूर पहली बार तिरुवनंतपुरम से चुनाव में खड़े हुए थे. इससे पहले थरूर संयुक्त राष्ट्र में काम कर चुके हैं.

रिपोर्टः पीटीआई/ एम गोपालकृष्णन

संपादनः आभा मोंढे

संबंधित सामग्री

विज्ञापन