मेनस्ट्रीम फिल्मों को खराब मानती थीं किरण राव | मनोरंजन | DW | 11.06.2015
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मनोरंजन

मेनस्ट्रीम फिल्मों को खराब मानती थीं किरण राव

बॉलीवुड की जानीमानी फिल्मकार और आमिर खान की पत्नी किरण राव का कहना है कि वह पहले मुख्यधारा की फिल्मों को बुरी फिल्मों का पयार्य मानती थीं. किरण राव आमिर की फिल्म लगान में सहायक निर्देशक थीं.

किरण राव ने 17वें मुंबई एकेडमी ऑफ मूविंग इमेज (मामी) फिल्म फेस्टिवल के मौके पर कहा, "यह एक इत्तेफाक है कि मैं फिल्म स्कूल से उस वक्त लौटी, जिस वक्त मामी शुरू हुआ. क्लासिक फिल्म स्कूल से होने के कारण मेरा पूर्वाग्रह था कि मुख्यधारा की फिल्में बुरी फिल्मों का पर्याय हैं." किरण राव ने कहा, "मैं सोचती थी कि अपनी फिल्में यहां नहीं बना सकती. मैं 90 के दशक के अंत की मेनस्ट्रीम फिल्मों को बहुत बुरा मानती थी." उन्होंने कहा कि आमतौर पर फिल्मोत्सव दिखावटी होते हैं लेकिन मामी फिल्मोत्सव व्यावसायिक एवं कलात्मक फिल्मों का मिश्रण होगा.

नरम दिल पिता हैं आमिर

किरण के पति और मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान का कहना है कि वह एक नरम दिल पिता हैं. आमिर का कहना है कि वह अपने बच्चों का दोस्त बनने में यकीन रखते हैं, "मैं उन पर यकीन करने और मैं जो कुछ जानता हूं और मैंने जिंदगी में जो कुछ सीखा है, उन्हें सिखाने में यकीन रखता हूं."
आमिर ने कहा, "मेरा मानना है कि मां-बाप और बच्चों के रिश्ते में बहुत भरोसा और विश्वास होना चाहिए. एक बच्चा जो बयान करना चाहता है, मतलब अपनी चिंताएं, डर और सपने, उन्हें बयान करते वक्त उसे खुशी और सुकून महसूस होना चाहिए. उन्हें ये सब चीजें आपके साथ बांटने में हिचक नहीं होना चाहिए." आमिर के दो बेटे जुनैद और आजाद राव और बेटी इरा हैं.

एमजे/आईबी (वार्ता)

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