मुसीबत में गोल्फ मास्टर्स | खेल | DW | 05.09.2013
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खेल

मुसीबत में गोल्फ मास्टर्स

भारत का सबसे बड़ा गोल्फ मुकाबला अब उसके हाथ से निकलता दिख रहा है. स्पांसर के पीछे हटने के बाद टूर्नामेंट की मेजबानी भारत से छिनने की आशंका पैदा हो गई है.

अवंता मास्टर्स के प्रायोजक अवंता ग्रुप ने कहा है कि 2014 से वह इस टूर्नामेंट के साथ नहीं रहेगा. नई दिल्ली में यूरोपीय टूर की मंजूरी वाले गोल्फ मुकाबले से अवंता का साथ चार साल से बना हुआ है. 23 लाख यूरो की इनामी रकम का यह आयोजन भारत में गोल्फ का सबसे बड़ा मुकाबला है. कंपनी ने बयान जारी कर कहा है, "अवंता ग्रुप यह मानती है कि शीर्ष खिलाड़ियों को आकर्षित करने के लिए इनाम की रकम में बड़ा इजाफा करना होगा. मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए ऐसा करने के लिए यह उचित समय नहीं है इसलिए ग्रुप ने यूरोपीय टूर के साथ करार को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है.

यूरोपीय टूर के अधिकारी कीथ वाटर्स ने एक भारतीय अखबार से बातचीत में कहा है कि मास्टर्स के लिए मार्च का वक्त अभी किसी को नहीं दिया गया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी दक्षिण एशियाई देश में इसकी मेजबानी के आसार कम हैं. भारत दशक की सबसे विकट आर्थिक परिस्थिति से जूझ रहा है. इस साल डॉलर के मुकाबले रूपये की कीमत 22 फीसदी नीचे चली गई है. अखबार ने वाटर्स का बयान छापा है, "भारत के मौजूदा हालात में इस तरह के आयोजन के लिए समर्थन जुटा पाना बेहद मुश्किल है, खासतौर से जबकि स्पॉन्सर यह तय नहीं कर पा रहे हों कि इससे कितनी कमाई हो सकेगी."

पिछले कुछ सालों में भारत गोल्फ के उभरते बाजारों में शामिल हुआ है. अगर यह आयोजन उसके हाथ से निकल जाता है तो उसके पास सिर्फ तीन एशियन टूर मुकाबले बचेंगे. इनमें सबसे बड़ा 12.5 लाख यूरो के इनाम वाला इंडियन ओपन है. इसके अलावा तीन लाख यूरो की इनामी रकम वाले दो मुकाबले हैं सेल-एसबीआई ओपन और पैनासोनिक ओपन.

मास्टर्स ओपन के स्पॉन्सर शीर्ष खिलाड़ियों को लुभा पाने में नाकामी को लेकर इसलिए भी चिंतित हैं क्योंकि मार्च में गोल्फ के कुछ बड़े इनामी मुकाबले मध्यपूर्व के देशों में होते हैं. इस साल भारत में यह मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के थॉमस आइकन ने जीता था.

एनआर/एमजे(एएफपी)

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