मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति का अदालत में निधन | दुनिया | DW | 18.06.2019
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दुनिया

मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति का अदालत में निधन

मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी का अदालत में एक सुनावाई के दौरान निधन हो गया. 67 साल के मुर्सी लोकतांत्रिक रूप से चुने गए मिस्र के पहले राष्ट्रपति थे, हालांकि एक साल बाद ही सेना ने उनका तख्तापलट कर दिया था.

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अदालत में मौत

मिस्र के सरकारी टीवी का कहना है कि सोमवार को अदालत की सुनावाई के दौरान पूर्व राष्ट्रपति अचानक गिर पड़े. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया. उनके वकील के मुताबिक, उन्हें काहिरा में दफनाया गया.

बताया जाता है कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई. मुर्सी के खिलाफ जासूसी के एक मामले में मुकदमा चल रहा था. रिपोर्टों के मुताबिक सुनवाई के दौरान वह अपनी दलील देकर निपटे थे कि गिर पड़े.  

मुर्सी मिस्र के सबसे ताकतवर इस्लामी कट्टरपंथी गुट मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य थे जो अब प्रतिबंधित संगठन है. 2013 में वह लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित होने वाले देश के पहले राष्ट्रपति बने. लेकिन अब्देल फतह अल सीसी के नेतृत्व में सेना ने उनका तख्तापलट कर दिया. 

पूर्व राष्ट्रपति कई बार अदालत का सामना कर चुके थे. उनके खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बनाने और ईरान के लिए जासूसी करने जैसे आरोपों में मुकदमे चलते रहे हैं. सोमवार को फलस्तीनी गुट हमास के लिए जासूसी के मामले में कार्यवाही चल रही थी.  

मुर्सी 2012 में प्रदर्शनकारियों की मौत से जुड़े मामलों में 20 साल की सजा काट रहे थे. इसके इलावा कतर के लिए जासूसी करने के जुर्म में उन्हें उम्रकैद भी दी जा चुकी थी. हालांकि मुर्सी इस तरह के सभी आरोपों से इनकार करते थे.

एके/आईबी (एपी, एएफपी)

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