माओवादी हमलों से तबाह हो रही है बच्चों की शिक्षा | दुनिया | DW | 09.12.2009
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

दुनिया

माओवादी हमलों से तबाह हो रही है बच्चों की शिक्षा

मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वाच ने कहा है कि भारतीय सुरक्षा बलों और माओवादी विद्रोहियों के बीच संघर्ष में दसियों हज़ार बच्चों की स्कूली शिक्षा तबाह हो रही है.

शिक्षा से वंचित

शिक्षा से वंचित

अमेरिकी मानवाधिकार ग्रुप की शिकायत से पहले माओवादियों ने मंगलवार को झारखंड में एक स्कूल को निशाना बनाया था और पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल में एक शिक्षक का सर काट दिया था. ह्यूमन राइट्स वाच ने एक रिपोर्ट में कहा है कि माओवादी नियमित रूप से स्कूली इमारतों को नष्ट कर रहे हैं. उसने

Dossier Unicef: Kinder beim Spielen, Indien

वामपंथी विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रहे सुरक्षा बलों पर स्कूलों का इस्लेमाल रहने के लिए करने का आरोप लगाया है.

मानवाधिकार संस्था के शोधकर्ता बेडे शेपर्ड कहते हैं, "माओवादियों का कहना है कि वे भारत के ग़रीबों के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन स्कूलों पर उनके हमलों से बच्चे अपने लिए आवश्यक शिक्षा से वंचित हो रहे हैं." ह्यूमन राइट्स वाच का आरोप है कि सुरक्षा बलों के लम्बे समय तक स्कूलों में रहना बच्चों को ख़तरों के बीच लाता है और उन्हें डरा कर क्लासरूम से दूर करता है.

1967 में किसान आंदोलन के साथ शुरू हुआ माओवादी विद्रोह इस बीच भारत के 28 में से 20 राज्यों में फैल गया है. झारखंड की शिक्षा सचिव मृदुला सिंहा कहती हैं, "प्राइमरी स्कूल हमलों के आसान लक्ष्य बन गए हैं, क्योंकि वे हर गांव में हैं."

रिपोर्ट: एएफ़पी/महेश झा

संपादन: ए जमाल

संबंधित सामग्री

विज्ञापन