महिलाओं के वोट की ताकत | खबरें | DW | 08.04.2014
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खबरें

महिलाओं के वोट की ताकत

पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने पहली बार भारी मतदान किया और देश के संसदीय इतिहास में सबसे अधिक 59 महिलाएं सांसद चुनी गयीं थीं. इस बार भी महिलाओं की ताकत सत्ता का खेल तय करेगी.

2009 में हुए आम चुनाव के दौरान 65.96 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया था जबकि पुरुषों का वोटिंग प्रतिशत 50.97 रहा. आजादी के बाद 1951-52 में हुए पहले आम चुनाव में कुल 61.16 प्रतिशत और 1957 में हुए लोकसभा चुनाव में कुल 63.73 प्रतिशत मतदान हुआ. इन दोनों चुनावों के दौरान महिला और पुरुष मतदाताओं के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं.

1962 के चुनाव में 63.31 पुरुषों और 46.63 फीसदी महिलाओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. उस वक्त 66 महिलाएं मैदान में थीं, 31 की जीत हुई. 1967 में यह आंकड़ा 66.73 और 55.48 प्रतिशत था. हालांकि तब सिर्फ 29 महिलाएं ही संसद तक पहुंची. 1971 में 60.9 फीसदी पुरुषों और 49.11 प्रतिशत महिलाओं ने वोट दिया. 21 महिलाएं चुनाव जीतीं.

1977 के चुनाव में पुरुषों ने 65.63 तथा महिलाओं ने 54.9 प्रतिशत मतदान किया. 1980 में सातवें लोकसभा के लिए चुनाव के दौरान पुरुषों ने 62.16 और महिलाओं ने 51.22 प्रतिशत वोट दिए. 1984-85 में हुए आम चुनाव में पुरुषों ने 61.2 और महिलाओं ने 58.6 प्रतिशत मतदान किया. 1989 के चुनाव में पुरुषों ने 66.13 और महिलाओं ने 57.32 प्रतिशत वोटिंग की.

1991-92 में हुए आम चुनाव के दौरान पुरुषों ने 61.58 और महिलाओं ने 51.35 प्रतिशत वोट दिए. 1996 के चुनाव में पुरुषों ने 62.06 तथा महिलाओं ने 53.41 प्रतिशत. 1998 के चुनाव में पुरुषों ने 65.72 एवं महिलाओं ने 57.88 प्रतिशत. 1999 के संसदीय चुनाव में पुरुषों ने 63.97 तथा महिलाओं ने 55.64 तथा 2004 के चौदहवें लोकसभा चुनाव में पुरुषों ने 61.66 और महिलाओं ने 53.3 फीसदी मतदान किया.

2009 के चुनावों में जहां पहली बार महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत पुरुषों से ज्यादा रहा वहीं उस चुनाव में कुल 556 महिलाएं मैदान में उतरीं, जिनमें से 59 सांसद बनने में सफल रहीं.

ओएसजे/एजेए (वार्ता)

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