महंगाई पर गतिरोध खत्म, चर्चा पर सहमति | दुनिया | DW | 02.08.2010
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दुनिया

महंगाई पर गतिरोध खत्म, चर्चा पर सहमति

संसद में महंगाई के मुद्दे पर दो हफ्ते से चला आ रहा गतिरोध खत्म हो गया है. सोमवार को विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर मतदान की मांग छोड़ दी और दोनों सदनों में चर्चा के बाद एक प्रस्ताव पारित करने के लिए सहमत हो गए.

महंगाई पर बात तो होगी

महंगाई पर बात तो होगी

सोमवार को लोकसभा के नेता प्रणव मुखर्जी ने नाश्ते पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जिसमें यह आम सहमति बनी. महंगाई के मुद्दे पर अब सदन में मंगलवार को चर्चा होगी. इसके बाद स्पीकर मीरा कुमार एक प्रस्ताव पढ़ेंगी जिसमें महंगाई के मुद्दे पर सदन की चिंता प्रकट की जाएगी.

ऐसा ही ऊपरी सदन राज्यसभा में भी किया जाएगा. वहां उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाएंगे. हालांकि प्रस्ताव में शामिल शब्दों को लेकर कुछ विपक्षी पार्टियों ने आपत्ति जताई. विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "वे आम आदमी शब्द का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे जिस पर हमने आपत्ति जताई. इसलिए अब 'आम आदमी पर पड़ने वाला मुद्रास्फीतीय दबाव का बुरा असर', इन शब्दों को प्रस्ताव में शामिल किया गया है."

हालांकि सरकार ने विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए प्रस्ताव में महंगाई शब्द को शामिल नहीं किया. सरकार का कहना है कि यह तो लगातार जारी रहने वाली प्रक्रिया है जिसे रोका नहीं जा सकता. इसके स्थान पर "मुद्रास्फीतीय दबाव" का इस्तेमाल होना चाहिए.

सरकार और विपक्ष दोनों चर्चा के राज़ी हो गए है, इसलिए अब संसद के दोनों सदनों का कामकाज सुचारू रूप से चलने की उम्मीद है. पिछले सोमवार से संसद की कार्यवाही ठप्प है. महंगाई के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष की तकरार होती रही.

सीपीएम के गुरुदास दास गुप्ता का कहना है, "यह विपक्षी पार्टियों की तरफ से किए गए विरोध का नतीजा है."

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

सपादनः वी कुमार

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