महंगाई का असरः कंडोम और गर्भनिरोधक की बिक्री में भारी गिरावट | दुनिया | DW | 19.09.2019
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दुनिया

महंगाई का असरः कंडोम और गर्भनिरोधक की बिक्री में भारी गिरावट

अर्जेंटीना में मंदी और महंगाई का असर ये है कि लोग कंडोम और गर्भनिरोधक दवाईयां खरीदने से परहेज कर रहे हैं. महंगाई की दर 50 प्रतिशत से ज्यादा हो चुकी है.

अर्जेंटीना को दक्षिण अमेरिका की प्यार की राजधानी कहा जाता है. लेकिन यह प्रेम की नगरी महंगाई से त्रस्त है. प्रेमी जोड़े गर्भनिरोधक की खरीद पर भी कटौती कर रहे हैं. दवा विक्रेता और निर्माता कहते हैं कि मंदी और बढ़ती महंगाई की वजह से कंडोम और 'बर्थ कंट्रोल' करने वाली गोलियों की बिक्री काफी कम हो गई है.

अभिनेता और हास्य कलाकार गिलर्मो एक्विनो का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते नजर आ रहे हैं, "पेसो की कीमत में गिरावट मुझे मार रहा है." इस वायरल वीडियो में एक युवक अपने पार्टनर से माफी मांगता दिखता है. युवक कहता है कि उसके पास साल के अंत तक के लिए सिर्फ एक कंडोम बचा है. इसमें आगे कहा गया, "मैं तुमसे प्यार करता हूं, यह तुम नहीं हो, यह सामाजिक-आर्थिक स्थिति है." यह सिर्फ कॉमेडी नहीं बल्कि वास्तविकता की झलक है.

दक्षिण अमेरिका की नंबर 2 अर्थव्यवस्था इस साल के अंत तक 2.6 प्रतिशत सिकुड़ सकती है. साथ ही अर्जेंटीना 50 प्रतिशत वार्षिक महंगाई दर से जूझ रहा है. 2018 से देश की मुद्रा पेसो की कीमत डॉलर के मुकाबले दो तिहाई कम हो गई है. इससे आयात और खपत पर गहरा असर पड़ा है. पैसे की कमी होने की वजह से देश में कार, शराब और मीट की बिक्री काफी कम हो गई है. औद्योगिक सूत्रों ने अनुमान लगाया कि 2018 के मुकाबले इस साल की शुरुआत में कंडोम की बिक्री 8 प्रतिशत तक गिर गई. आर्थिक हालात बिगड़ने के साथ ही हाल के महीनों में कंडोम की बिक्री में और एक चौथाई तक की कमी आई.

ट्यूलिपन और जेंटलमैन कंडोम ब्रांड का निर्माण करने वाली कंपनी कोपेल्को के अध्यक्ष फिलिप कोपेलोवित्स कहते हैं, "अर्जेंटीना में ज्यादातर कंडोम और उसे बनाने वाले सामान आयात होते थे. ऐसे में देश की मुद्रा कमजोर होते ही इसके आयात पर तुरंत असर पड़ा. इस साल की शुरुआत के बाद कीमतें 36 प्रतिशत तक बढ़ गई." दवा विक्रेता कहते हैं कि बर्थ कंट्रोल की दवाओं की बिक्री भी इस साल 6 प्रतिशत तक गिर गई और हाल के दिनों में इसमें 20 प्रतिशत तक की कमी आई है. अर्जेंटीना फार्मास्युटिकल कंफेडरेशन की अध्यक्ष इसाबेल रेनोसो ने कहा कि कीमत बढ़ने के बाद से हजारों महिलाओं ने गोलियां लेना छोड़ दी. वे कहती हैं, "ऐसी महिलाओं की संख्या करीब एक लाख 44 हजार है जो पहले हर महीने गर्भनिरोधक दवाईयां लेती थीं लेकिन अब छोड़ दिया है."

बढ़ता खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में यौन संचारित बीमारियों के बढ़ने का खतरा है. एचआईवी को लेकर काम करने वाली एक गैर सरकारी संस्था में काम कर रही मार लुकास कहती हैं, "जब आप किसी तरह रोजमर्रा की जिंदगी काट रहे हों, तो स्वास्थ्य प्राथमिकता में नीचे चला जाता है और यौन स्वास्थ्य तो और भी. जो अभी भी टैबू है."

लुकास कहती हैं, "सरकारी अस्पतालों में कंडोम का मुफ्त वितरण होता है लेकिन काफी कम लोगों को इसके बारे में जानकारी है. हम जानते हैं वे प्रायः उपयोग किए हुए, दुरुपयोग और गलत तरीके से इस्तेमाल किए हुए होते हैं. और ऐसे में यौन संचारित संक्रमण होने का खतरा काफी ज्यादा होता है."

आरआर/एमजे (रॉयटर्स)

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