मलेशिया में जहरीले कचरे के चलते 111 स्कूल बंद | दुनिया | DW | 14.03.2019
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दुनिया

मलेशिया में जहरीले कचरे के चलते 111 स्कूल बंद

मलेशिया में जहरीले कचरे के चलते अब तक कई सौ छात्रों और टीचरों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है. कचरे को गलत जगह डंप करने के मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया गया है.

मलेशिया में एक नदी के पास फेंके गए जहरीले कचरे के चलते अब तक देश के 111 स्कूलों को बंद कर दिया गया है. पिछले हफ्ते देश के दक्षिणी इलाके जोहोर में एक ट्रक ने नदी के पास जहरीले कचरे को डंप कर दिया था. कचरे से उठने वाली गैसों के चलते आसपास के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों ने उबकाई और उल्टी की शिकायत की.

देश के शिक्षा मंत्री मासजली मलिक ने कहा, "स्थिति काफी गंभीर हो गई है. कचरे से उठने वाली जहरीली गैस में सांस लेने के चलते 500 से भी अधिक छात्र, टीचर और अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं."

शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया था कि जहरीली गैसों का असर कम क्षेत्र में था, लेकिन अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते काफी सारे स्कूलों को बंद कर दिया गया है. 9 लोगों को आईसीयू में रखा गया है.

7 मार्च को कुछ छात्रों और टीचरों ने सांस लेने में तकलीफ महसूस की, जिसके चलते दो स्कूलों को बंद कर दिया गया. जब 11 मार्च को स्कूल दोबारा खोले गए, तब भी इसका असर कम नहीं हुआ और करीब 260 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

ऐसे कचरे को डंप करने के मामले में प्रशासन ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. कुछ रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि कचरे में मीथेन जैसी जहरीली गैस थी. जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक कचरा फेंकने वाला एक संदिग्ध एक गैरकानूनी टायर रिसाइक्लिंग फैक्टरी का मालिक है. इस मामले में दोषियों को पर्यावरण संरक्षण कानूनों की अनदेखी करने के चलते पांच साल जेल की सजा हो सकती है. 

एए/आईबी (एएफपी, डीपीए)

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