मलर की रिपोर्ट से खत्म नहीं होंगी ट्रंप की मुश्किलें | दुनिया | DW | 19.04.2019
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दुनिया

मलर की रिपोर्ट से खत्म नहीं होंगी ट्रंप की मुश्किलें

सांसद जेरॉल्ड नाडलर ने मलर की रिपोर्ट को आगे की संसदीय जांच के लिए रोडमैप करार दिया है. उन्होंने अटॉर्नी जनरल विलयम बार पर राष्ट्रपति को बचाने के लिए न्याय विभाग को दुर्बल बनाने का आरोप लगाया है.

2016 के अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव में डॉनल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान में रूस की साठगांठ के आरोपों की जांच कर रहे विशेष वकील की रिपोर्ट के बाद राष्ट्रपति ट्रंप राहत महसूस कर रहे हैं. इस रिपोर्ट के आधार पर अमेरिका के अटॉर्नी जनरल विलियम बार ने राष्ट्रपति को दोषमुक्त करार दिया है. हालांकि विपक्षी नेताओं का दावा है कि राष्ट्रपति को दोषमुक्त नहीं किया गया है और यह रिपोर्ट आगे की जांच का रास्ता तैयार कर सकती है.

गुरुवार की प्रेस कांफ्रेंस में डेमोक्रैटिक सांसद और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की न्यायिक कमेटी के प्रमुख जेरॉल्ड नाडलर ने सीधे अटॉर्नी जनरल विलियम बार की विवेचना पर हमला बोला. 2016 के राष्ट्पति चुनाव में रूसी दखलंदाजी पर विशेष वकील रॉबर्ट मलर की रिपोर्ट की विलियम बार ने विवेचना की है.

नाडलर ने कहा, "अटॉर्नी जनरल बार ने दिखाया है कि राष्ट्रपति को बचाने के लिए वो अपने ही विभाग को दुर्बल बनाने की चाह से मुक्त नहीं होंगे. बार का यह कहना कि राष्ट्रपति गलत करने के आरोप से मुक्त हो गए हैं, कपट है और बहकाने वाला भी."

ये आरोप बार की प्रेस काफ्रेंस में कही गई बातों को सीधे नकार देते हैं. बार ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में जोर दे कर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ने रूस के साथ चुनाव के दौरान कोई साठगांठ नहीं की थी, ना ही ट्रंप या उनकी टीम ने उसके बाद न्याय की प्रक्रिया में कोई बाधा डाली थी.

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उनके समर्थक, मलर की रिपोर्ट पर बार की विवेचना को "पूरी तरह से दोषमुक्त" कर देना कह रहे हैं. केविन मैकार्थी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में रिपब्लिकंस के नेता हैं और राष्ट्रपति के समर्थक भी. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि रिपोर्ट ने दिखा दिया है कि कुछ भी फंसाने वाला नहीं है. उन्होंने यह भी कहा, "अब आगे बढ़ने का समय आ गया है."

हालांकि इसके बाद भी रिपोर्ट जब बार की प्रेस कांफ्रेंस के बाद सार्वजनिक की गई तो उसमें से कई सवाल उठ खड़े हए. डेमोक्रैट्स ने तुरंत ही अटॉर्नी जनरल पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने जांच में बाधा डालने की ट्रंप की नीयत के स्पष्ट सबूतों की अनदेखी की है. डेमोक्रैट्स लंबे समय से कार्यकारी शक्तियों के दायरे और विशेष वकील की रिपोर्ट पर बार के विचारों की आलोचना करते रहे हैं.

नाडलर का कहना है, "साफ है कि अटॉर्नी जनरल बार ने जो कहा है उस पर हम यकीन नहीं कर सकते." नाडलर ने यह भी कहा कि ठीक से पेश नहीं करने के बावजूद मलर की रिपोर्ट ने, "ट्रंप की न्याय में बाधा डालने और दूसरे गलत कदमों के सबूत दिए हैं जो परेशान करने वाले हैं." 

नाडलर की राय में मलर की रिपोर्ट आगे की संसदीय जांच के लिए "रोडमैप" है. नाडलर ने कहा, "अब यह जिम्मेदारी संसद पर आ गई है कि वह राष्ट्रपति को उनके गतिविधियों के लिए उत्तरदायी ठहराए."

मलर की रिपोर्ट में 10 ऐसे वाकयों का जिक्र है जिसमें शायद राष्ट्रपति ने जांच के मार्ग में बाधा डाली, हालांकि यह नहीं कहा कि उन्होंने वास्तव में ऐसा किया. बार और डिप्टी अटॉर्नी जनरल रॉड रोसेंस्टाइन का कहना है कि उन्होंने ऐसा नहीं किया जबकि डेमोक्रैट्स की राय इसके उलट है.

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने ट्वीट कर कहा है, "मलर की रिपोर्ट ने उन खोजों को कमजोर कर दिया है, ऐसा लगता है."

अटॉर्नी जनरल बार नाडलर की कमेटी के सामने 2 मई को पेश होंगे. नाडलर मलर को भी 23 मई के पहले कमेटी के सामने पेश होने के लिए औपचारिक अनुरोध करेंगे. ऐसे में जाहिर है कि मलर की रिपोर्ट से ही राष्ट्रपति की मुश्किलें खत्म नहीं होंगी बल्कि इससे आने वाले दिनों में कई और गतिविधियों का सूत्रपात होगा.

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